नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सोमवार को हुई बैठक में देश के तीन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश की है।
कॉलेजियम की ओर से जारी केन्द्र को भेजी गयी सिफारिश में गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के नाम शामिल हैं.
कॉलेजियम की सिफारिश के अनुसार गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किए जाने की सिफारिश की गयी हैं.
जस्टिस सुनीता अग्रवाल
जस्टिस सुनीता अग्रवाल वर्तमान में गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश हैं। उनका उनका मूल हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट है।
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय वर्तमान में दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। उनका मूल हाईकोर्ट भी इलाहाबाद हाईकोर्ट है। कॉलेजियम ने उन्हें भी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की अनुशंसा की है।
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह
तीसरा नाम जस्टिस अपरेश कुमार सिंह का है, जो वर्तमान में तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। उनका मूल हाईकोर्ट झारखंड हाईकोर्ट है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को केन्द्र की मंजूरी मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 37 हो जायेगी.

एडवोकेट कोटे से सुप्रीम कोर्ट में तीसरी महिला जज
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने शीर्ष अदालत में न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल के नाम की सिफारिश की है।
जस्टिस सुनीता अग्रवाल के नाम की सिफारिश ऐसे समय हुई है, जब वर्ष 2026 में सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायिक प्रतिनिधित्व को लेकर महत्वपूर्ण नियुक्तियां हुई हैं।
इससे पहले मई 2026 में कॉलेजियम ने वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना को सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश की थी। उनकी नियुक्ति 2 जून 2026 को हुई।
जस्टिस वी. मोहना सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश के रूप में बार से सीधे नियुक्त होने वाली दूसरी महिला बनीं।
उनसे पहले जस्टिस इंदु मल्होत्रा को वर्ष 2018 में सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया था।
अब जस्टिस सुनीता अग्रवाल के नाम की सिफारिश के साथ वर्ष 2026 में सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है।
यदि उनकी नियुक्ति को मंजूरी मिलती है, तो वे एडवोकेट कोटे से तीसरी जज होगी जो गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश के पद से सुप्रीम कोर्ट पहुंचेंगी।