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Breaking Update: SI भर्ती परीक्षा 5 अप्रैल को, 2021 के अभ्यर्थियो को 4 अप्रैल तक SC आदेश दिखाकर लेना होगा एडमिट कार्ड

Supreme Court Refuses to Postpone SI Recruitment 2025, Allows All 2021 Candidates to Appear

फैसला सिर्फ एक याचिकाकर्ता तक सीमित नहीं-सभी समान अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ, अभ्यर्थी प्रोविजनल रूप से दे सकेंगे परीक्षा, लेकिन हाईकोर्ट के फैसले तक जारी नहीं होगा परिणाम

नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम अंतरिम आदेश जारी किया है।

कोर्ट ने साफ कर दिया कि आगामी 5-6 अप्रैल को प्रस्तावित SI भर्ती परीक्षा स्थगित नहीं की जाएगी।

कोर्ट ने उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है, जो भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवाद के कारण परीक्षा में शामिल होने को लेकर असमंजस में थे।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अभ्यर्थी परीक्षा में प्रोविजनल (अस्थायी) रूप से शामिल हो सकेंगे, लेकिन उनके परिणाम फिलहाल घोषित नहीं किए जाएंगे।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला सूरज मल मीणा बनाम राजस्थान राज्य से जुड़ा है, जिसमें याचिकाकर्ता ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

इससे पहले इस मामले में 9 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेश पारित किया गया था और इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भी सुनवाई की थी, लेकिन हाईकोर्ट का अंतिम फैसला अभी तक लंबित है।

इसी बीच, राजस्थान पुलिस SI/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा 2025 की तारीख 5 अप्रैल 2026 घोषित कर दी गई।

ऐसे में याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर कर मांग की कि जब तक हाईकोर्ट का फैसला नहीं आता, तब तक उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए, अन्यथा उसे अपूरणीय क्षति (irreparable loss) होगी।

याचिकाकर्ता सुरजमल मीणा ने विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल SI भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर परीक्षा स्थगित करने की मांग की- मांग थी कि परीक्षा को आगे बढ़ाया जाए, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए स्थगन से इनकार कर दिया

सुप्रीम कोर्ट का क्या आदेश?

सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा शामिल थे, ने याचिकाकर्ता की दलीलों को सुनने के बाद महत्वपूर्ण आदेश पारित किया।

कोर्ट ने कहा:

याचिकाकर्ता को परीक्षा में अस्थायी रूप से शामिल होने की अनुमति दी जाती है, परीक्षा प्राधिकरण को निर्देश दिया गया है कि अभ्यर्थी को एडमिट कार्ड जारी किया जाए, यह स्पष्ट किया गया कि परीक्षा में शामिल होने से कोई अधिकार (equity) स्वतः उत्पन्न नहीं होगा

यह आदेश अन्य समान परिस्थितियों वाले अभ्यर्थियों पर भी लागू होगा और सभी इच्छुक अभ्यर्थियों को 4 अप्रैल 2026 तक आदेश की प्रति के साथ परीक्षा प्राधिकरण के समक्ष उपस्थित होना होगा.

सबसे अहम बात: ऐसे अभ्यर्थियों के परिणाम तब तक घोषित नहीं किए जाएंगे, जब तक हाईकोर्ट अपना अंतिम फैसला नहीं दे देता.

हजारों अभ्यर्थियों को मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जो लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में अनिश्चितता का सामना कर रहे थे।

कई उम्मीदवारों ने पहले की भर्ती प्रक्रिया (2021 नोटिफिकेशन) में हिस्सा लिया था और अब वे इस परीक्षा में शामिल होने के अधिकार को लेकर चिंतित थे।

कोर्ट ने साफ किया कि यह आदेश सिर्फ याचिकाकर्ता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन सभी अभ्यर्थियों पर लागू होगा, जिनकी स्थिति समान है। इससे बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के लिए परीक्षा का रास्ता खुल गया है।

लेकिन पूरी राहत नहीं, रिजल्ट पर रोक

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यह अंतिम राहत नहीं है।

कोर्ट ने कहा कि परीक्षा में शामिल होना सिर्फ प्रोविजनल व्यवस्था है, इससे किसी भी अभ्यर्थी को चयन का अधिकार नहीं मिलेगा. अंतिम निर्णय हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा

यानी, अभ्यर्थियों को परीक्षा देने का मौका जरूर मिला है, लेकिन उनका भविष्य अब भी अदालत के अंतिम फैसले पर टिका हुआ है।

कोर्ट का स्पष्ट रुख

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परीक्षा को टालने का कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए इसे नियत समय पर ही आयोजित किया जाएगा।

साथ ही, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि समान परिस्थितियों वाले अभ्यर्थियों के साथ न्याय होना चाहिए, इसलिए 2021 के उम्मीदवारों को मौका दिया जाए।

किसने की पैरवी?

राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने पैरवी करते हुए कहा कि परीक्षा के तीन दिन पूर्व स्थगित किये जाने से लाखो अभ्यर्थि निराश होंगे.

सरकार ने यह भी कहा कि इससे परीक्षा की सभी तैयारियां भी प्रभावित होगी ओर यह एक गलत संदेश होगा.

वही अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी. बी. सुरेश और हरेन्द्र नील ने पक्ष रखते हुए कहा कि अगर परीक्षा स्थगित नहीं कि गयी तो हाईकोर्ट के फैसले का कोई महत्व नहीं होगा.

अभ्यर्थियों के लिए क्या मायने?

परीक्षा तय समय पर ही होगी — कोई स्थगन नहीं
2021 के अभ्यर्थियों को बड़ा मौका — अब वे भी शामिल हो सकेंगे
भर्ती प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना

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