जयपुर। राजस्थान में आयुष (AYUSH) चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु और अन्य चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों के समान लाभ दिए जाने के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई है।
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में दिए गए कोर्ट के फैसले का पालन नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से संबंधित चिकित्सक को पहले सेवानिवृत्ति लाभ देने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार बाद के किसी फैसले या तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष लंबित संदर्भ का हवाला देकर पूर्व के न्यायिक आदेशों के अनुपालन से बच नहीं सकती।
60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त चिकित्सक के लाभ का मामला
यह मामला राजस्थान सरकार की ओर से दायर अपील से संबंधित है, जिसमें आयुष चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु तथा उन्हें अन्य चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों के समान लाभ दिए जाने कोर्ट बुधवार को सुनवाई कर रही थी.
विवाद एक ऐसे चिकित्सक को सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ देने के आदेशो से जुड़ा है, जो 62 वर्ष के बजाय 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हुए थे।
मामले में यह प्रश्न उठा कि संबंधित चिकित्सक को सेवानिवृत्ति आयु में समानता से जुड़े पूर्व न्यायिक फैसलों के आधार पर लाभ दिया जाना चाहिए या नहीं।
पूर्व के फैसलों की पालना नहीं होने पर जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा पूर्व में दिए गए कोर्ट के फैसलों का पालन नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार बाद में आए किसी अन्य फैसले अथवा तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष पेडिंग मामले का आधार लेकर पहले से दिए गए न्यायिक आदेशों की पालना से इनकार नहीं कर सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक संबंधित न्यायिक आदेश प्रभावी हैं, तब तक राज्य सरकार केवल किसी अन्य मामले में कानूनी प्रश्न विचाराधीन होने का हवाला देकर उनके अनुपालन से नहीं बच सकती।
पहले भुगतान करे सरकार, अपील रहेगी लंबित
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को पहले संबंधित चिकित्सक को देय लाभों का भुगतान करने के लिए कहा। साथ ही, अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की अपील को फिलहाल पेडिंग रखा जाएगा।