नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025।
राजस्थान पुलिस विभाग को बड़ी राहत देते हुए Supreme Court ने जयपुर के आमेर स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र और अन्य विभागीय सुविधाओं वाली भूमि से बेदखली की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया है।
राज्य सरकार की ओर से Additional Solicitor General ऐश्वर्या भाटी और अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने सरकार की ओर से पैरवी की।
उन्होंने अदालत को बताया कि विवादित भूमि वर्ष 1992 से पुलिस विभाग के निरंतर उपयोग और नियंत्रण में है।
सरकार की ओर से कहा गया कि यह भूमि पुलिस प्रशिक्षण, प्रशासनिक कार्यों और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि सरकारी स्वामित्व की है और प्रतिवादियों द्वारा प्रस्तुत स्वामित्व के दावे झूठे और आधारहीन हैं, जो केवल आरटीआई के माध्यम से प्राप्त फोटोकॉपी दस्तावेजों पर आधारित हैं, जिनकी कोई कानूनी वैधता नहीं है।
Supreme Court ने सरकार की दलीलें सुनने के बाद अधीनस्थ अदालत और Rajasthan Highcout द्वारा दिए गए उन आदेशों के पालन पर रोक लगा दी, जिनके तहत भूमि को निजी डिक्री धारकों को सौंपे जाने की प्रक्रिया जारी थी।
Supreme Court के आदेश के बाद अब राजस्थान पुलिस विभाग आमेर परिसर पर अपना कब्जा बनाए रखेगा और वहां प्रशिक्षण एवं अन्य विभागीय गतिविधियाँ पूर्ववत जारी रख सकेगा।