जोधपुर। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विजय बिश्नोई ने अपराध और सामाजिक मूल्यों को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि अपराध से पैसे कमाने वाले लोगों को समाज में किसी प्रकार की मान्यता नहीं मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे लोगों का सम्मान करने के बजाय उनसे दूरी बनानी चाहिए।
जस्टिस विजय बिश्नोई राजस्थान में आयोजित एक सामाजिक समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उनके संबोधन का वीडियो सोशलमीडिया पर जमकर वायरल हो रहा हैं जिसमें उन्होने समाज में बढ़ती अपराध प्रवृत्ति, नैतिक गिरावट और गलत तरीकों से सफलता पाने की मानसिकता पर चिंता जताई।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें नकल करने वाले लोगों से गहरी चिड़ होती है। उनका कहना था कि मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ने वालों को ही समाज में सम्मान मिलना चाहिए, जबकि गलत रास्ता अपनाने वालों के प्रति कठोर दृष्टिकोण जरूरी है।
जस्टिस बिश्नोई ने कहा कि अपराध केवल कानून तोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि यह समाज की नैतिक व्यवस्था को भी कमजोर करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शॉर्टकट और गलत तरीकों से बचें तथा अपने जीवन में ईमानदारी और परिश्रम को प्राथमिकता दें।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर अपराध करने वाले कुछ लोगों के बारे में समाज को सख्त सोच रखनी चाहिए और ऐसे लोग यदि समाज के लिए लगातार खतरा बने रहते हैं तो उन्हें जीवनभर बाहर नहीं आना चाहिए।
जस्टिस विजय बिश्नोई के इस बयान की अब कानूनी और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है। कई लोगों ने उनके बयान को समाज के लिए मजबूत संदेश बताया है, वहीं सोशल मीडिया पर भी उनके वक्तव्य को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।