नई दिल्ली/जयपुर। ज़ी राजस्थान न्यूज़ चैनल के पूर्व चैनल हेड और वरिष्ठ पत्रकार आशीष दवे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने आशीष दवे के खिलाफ जयपुर के अशोक नगर थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 257/2025 को रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद दवे को चल रही आपराधिक कार्यवाही से पूर्ण राहत मिल गई है।
आशीष दवे ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की थी, जिसमें हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया था।
दवे की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मामले के तथ्यों, आरोपों और उपलब्ध रिकॉर्ड का विस्तृत परीक्षण किया।
क्या थे आरोप?
जयपुर के अशोक नगर थाने में दर्ज एफआईआर में आशीष दवे पर जबरन वसूली, दबाव बनाकर धन मांगने और निजी लाभ के लिए संपादकीय प्रभाव के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
शिकायतकर्ताओं का दावा था कि नकारात्मक खबर प्रसारित करने की धमकी देकर व्यापारियों और संस्थानों से धन की मांग की गई।
हालांकि, आशीष दवे ने शुरुआत से ही इन आरोपों को झूठा, निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताया था। उनका कहना था कि यह मामला व्यक्तिगत और व्यावसायिक द्वेष के चलते दर्ज कराया गया है तथा इसमें जबरन वसूली का कोई वैधानिक तत्व मौजूद नहीं है।
सरकार को कड़ी फटकार
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि जब इस मामले में कोई भी शिकायतकर्ता नही है तो एफआईआर कैसे दायर कि जा सकती हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जी मीडिया को लेकर कई सख्त टिप्पणी की है.ं