जोधपुर। किसी सरकारी नौकरी में चयनित अभ्यर्थी के जॉइन करने के बाद इस्तीफा देने से पद खाली हो जाए, तो क्या उस पर पुरानी भर्ती की वेटिंग लिस्ट से दूसरे अभ्यर्थी को नियुक्ति दी जा सकती है?
राजस्थान हाईकोर्ट ने सिस्टम असिस्टेंट भर्ती से जुड़े मामले में इसका जवाब देते हुए कहा कि ऐसी रिक्तियों को पुरानी वेटिंग लिस्ट से नहीं भरा जा सकता। इनके लिए नई भर्ती प्रक्रिया अपनानी होगी।
चीफ जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की डिवीजन बेंच ने सिस्टम असिस्टेंट के पदों पर नियुक्ति की मांग करने वाले काशिफ खान सहित 31 अभ्यर्थियों की याचिका खारिज कर दी।
अभ्यर्थियों ने नौकरी जॉइन करने के बाद इस्तीफा देने वाले उम्मीदवारों से खाली हुए पदों पर वेटिंग लिस्ट के जरिए नियुक्ति देने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल वेटिंग लिस्ट में नाम होने से किसी अभ्यर्थी को नियुक्ति का पक्का अधिकार नहीं मिल जाता।
230 पदों के लिए जारी हुआ था भर्ती विज्ञापन
राजस्थान हाईकोर्ट ने सिस्टम असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए 18 दिसंबर 2023 को विज्ञापन जारी किया था। चयन प्रक्रिया का परिणाम 11 फरवरी 2025 को घोषित हुआ। इसमें 230 अभ्यर्थियों की मुख्य चयन सूची के साथ रिजर्व यानी वेटिंग लिस्ट भी जारी की गई थी।
चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी किए गए। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि कुछ अभ्यर्थियों ने नियुक्ति मिलने के बाद जॉइन नहीं किया, जबकि कुछ ने नौकरी जॉइन करने के बाद इस्तीफा दे दिया। ऐसे में खाली हुए पदों पर वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों को मौका मिलना चाहिए।
68 अभ्यर्थियों के इस्तीफे से खाली हुए थे पद
याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि चयन प्रक्रिया के तहत नौकरी जॉइन करने वाले 220 अभ्यर्थियों में से 68 ने कुछ समय काम करने के बाद इस्तीफा दे दिया। ऐसे में इन पदों पर वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों को नियुक्ति का मौका मिलना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि चयनित अभ्यर्थियों के जॉइन नहीं करने या नौकरी जॉइन करने के बाद इस्तीफा देने से खाली हुए पदों पर वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जाए।
हाईकोर्ट प्रशासन ने कहा- खाली पदों पर नई भर्ती जरूरी
हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से पेश अधिवक्ता ने बताया कि मुख्य चयन सूची के 230 अभ्यर्थियों में से 220 ने जॉइन किया था, जबकि 10 ने नियुक्ति मिलने के बाद जॉइन नहीं किया। इन 10 पदों को खाली घोषित करने के बाद वेटिंग लिस्ट से 9 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई, जिनमें से 5 ने जॉइन किया।
अधिवक्ता ने दलील दी कि नौकरी जॉइन करने के बाद 68 अभ्यर्थियों के इस्तीफे से खाली हुए पद नई रिक्तियां हैं। इन्हें पुरानी वेटिंग लिस्ट से नहीं भरा जा सकता। इसके लिए नई भर्ती प्रक्रिया अपनानी होगी।
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान राजस्थान हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के सुदेश कुमार गोयल बनाम हरियाणा राज्य एवं अन्य मामले का हवाला दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर कोई अभ्यर्थी नौकरी जॉइन करने के बाद इस्तीफा देता है, तो खाली हुआ पद नई रिक्ति माना जाएगा। ऐसे पद को पुरानी भर्ती की वेटिंग लिस्ट से नहीं भरा जा सकता। इसके लिए नई भर्ती प्रक्रिया अपनानी होगी।
इसी आधार पर राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि मूल भर्ती के सभी पद भरने के बाद इस्तीफे से खाली हुए पदों पर पुरानी वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति नहीं दी जा सकती।
‘सिर्फ वेटिंग लिस्ट में नाम होने से नियुक्ति का हक नहीं’
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि वेटिंग लिस्ट में नाम होने भर से किसी अभ्यर्थी को नियुक्ति का पक्का अधिकार नहीं मिल जाता।
इस मामले में 68 अभ्यर्थियों ने नौकरी जॉइन करने के बाद इस्तीफा दिया था। इससे खाली हुए पदों को मूल भर्ती के तहत खाली रह गए पद नहीं माना जा सकता।
याचिकाकर्ता इन्हीं पदों पर वेटिंग लिस्ट के जरिए नियुक्ति की मांग कर रहे थे। कोर्ट ने कहा कि ऐसे पदों को पुरानी वेटिंग लिस्ट से भरने की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।
चीफ जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू की बेंच ने माना कि हाईकोर्ट प्रशासन ने नियुक्ति देने से इनकार करके कोई गलती नहीं की। इसी आधार पर कोर्ट ने 31 अभ्यर्थियों की याचिका खारिज कर दी।