जयपुर, 18 सितंबर
जयपुर की जिला अदालत ने चीनी साईबर गैंग से जुड़े एक संगठित साइबर क्राइम मामले के आरोपी मुकेशसिंह और अनुज कुमार की जमानत याचिका को खारिज कर दिया हैं.
जयपुर महानगर प्रथम की जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदिनी व्यास ने साईबर क्राइम के बढ़ते मामलों के देखते हुए आरोपियों को जमानत देने से इंकार किया हैं.
राजस्थान पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
आरोपियों से मिले मोबाईल की पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित गिरोह बनाकर न केवल देश के विभिन्न राज्यों में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी साइबर ठगी कर रहे थे और उनका सीधा संबंध चीनी गैंग से जुड़ा हुआ है.
मोबाइल फोन से हुए थे चौकाने वाले खुलासे
गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में यह सामने आया था कि वे विभिन्न बैंकों के खातों को किराये पर लेकर टेलीग्राम ऐप और रजिस्टर्ड सिम कार्ड्स के जरिए चीनी गिरोह के साथ लेन-देन और संव्यवहार कर रहे थे.
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों के पास कई मोबाइल नंबर, व्हाट्सऐप अकाउंट और बैंक खाते मौजूद थे.
महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात में दर्ज अपराध
जमानत का विरोध करते हुए लोक अभियोजक दिनेश कुमार कुमावत ने अदालत को बताया कि इन आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात में भी कई तरह के अपराध दर्ज पाए गए हैं.
आरोपियों ने अन्य सह-अभियुक्तों—आरिश खान, अजरूद्दीन, कन्हैया लाल और चन्द्रप्रकाश—के साथ षड्यंत्र कर बैंक खातों को किराये पर लिया और संगठित अपराध गिरोह का हिस्सा बनकर साइबर फ्रॉड किया.
अदालत को बताया गया कि पुलिस ने छापेमारी कर आरोपियों और उनके साथियों के कब्जे से भारी मात्रा में सामान जब्त किया.
इसमें कंपनियों के कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड, सिम कार्ड्स, नगद राशि, पासबुक्स और चेक बुक्स शामिल हैं.
अभियोजन पक्ष ने कहा कि सिंडिकेट देशभर में सक्रिय होकर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है.
अभियोजन पक्ष ने कहा कि यह गंभीर और संगठित साइबर अपराध है, जिसकी जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है इसलिए जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए.
वही आरोपियों की ओर से बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है और उन्हें झूठा फंसाया गया है.
बहस सुनने के बाद अदालत ने माना कि आरोपियों के सहआरोपियों से लगातार संपर्क रहे हैं और उनकी सक्रिय भूमिका साबित हुई है.
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