जोधपुर। 13 साल पुराने अवैध अफीम बरामदगी के मामले में जोधपुर के NDPS कोर्ट ने एक महिला को दोषी ठहराते हुए 3 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
NDPS कोर्ट के स्पेशल जज मुजफ्फर चौधरी ने महिला पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उसे 3 महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
कोर्ट ने अभियोजन की ओर से पेश किए गए गवाहों, दस्तावेजों और अन्य सबूतों के आधार पर महिला को अवैध अफीम रखने का दोषी माना।
महिला के हाथ से मिली थी 215 ग्राम अफीम
मामला 8 मई 2013 का है। पुलिस को नोरत उर्फ नवरत्तन के पास अवैध अफीम मिलने की सूचना मिली थी। पूछताछ में नोरत ने पुलिस को बताया कि उसने यह अफीम जोधपुर की मदेरणा कॉलोनी में रहने वाली महिला बरजू से खरीदी थी।
पुलिस को यह भी सूचना मिली कि अगर बरजू के घर पर तुरंत कार्रवाई की जाए तो वहां से अफीम मिल सकती है।
इसके बाद पुलिस टीम मदेरणा कॉलोनी स्थित उसके घर पहुंची। तलाशी के दौरान उसके बाएं हाथ की मुट्ठी में पकड़ी प्लास्टिक की थैली से काला पदार्थ मिला।
पुलिस के मुताबिक, जांच में यह अफीम निकली। पदार्थ को जब्त कर वजन किया गया तो कुल 215 ग्राम अफीम मिली।
इसके बाद बरजू को गिरफ्तार किया गया और जांच पूरी होने पर उसके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया गया।
7 गवाह और 19 दस्तावेजी सबूत पेश किए गए
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 7 गवाह, 19 दस्तावेजी साक्ष्य और 4 आर्टिकल पेश किए। इन साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने बरजू को अवैध अफीम रखने के आरोप में दोषी माना।
राजस्थान सरकार की ओर से नियुक्त स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मनोहर लाल पालीवाल ने कोर्ट में आरोपी को सख्त सजा देने की मांग की।
पालीवाल ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और ऐसे अपराधों का समाज पर भी बुरा असर पड़ता है।
वहीं, आरोपी की ओर से कोर्ट से सजा में नरमी बरतने की मांग की गई।
कोर्ट ने सुनाई 3 साल की कठोर सजा
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मामले में पेश किए गए सबूतों को देखने के बाद स्पेशल जज मुजफ्फर चौधरी ने बरजू को दोषी माना। कोर्ट ने उसे 3 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
साथ कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर बरजू जुर्माने की राशि जमा नहीं करती है तो उसे 3 महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।