जोधपुर, 13 सितंबर
वर्ष 2025 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत जोधपुर महानगर न्यायक्षेत्र में एक ही दिन में कुल 2,45,115 प्रकरणों का निस्तारण किया गया.
जोधपुर न्यायक्षेत्र कि राजस्व अदालतों, जिला उपभोक्ता मंच, स्थाई लोक अदालत से सम्बन्धित विभिन्न श्रेणी के राजीनामा योग्य 43,594 पेडिंग मुकदमों और 2,35,044 प्री लिटिगेटशन के मुकदमों सहित कुल 2,78,638 प्रकरणों को सुनवाई के लिए रखा गया था.
राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत इन चिन्हित मुकदमों में 32,608 पेडिंग मुकदमों का निस्तारण करते हुए 39,13,61,865 रूपये कि अवार्ड राशि पारित की गई.

राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रि-लिटिगेशन के कुल 2,12,507 प्रकरण निस्तारित करते हुए कुल 1,11,01,242 रूपयें अवार्ड राशि पारित की गई.
इस तरह एक ही दिन में लोक अदालत के तहत कुल 2,45,115 प्रकरणों का निस्तारण किया गया और कुल 40,24,63,107 रूपये की राशि के अवार्ड राशि के समझौते हुए.

राष्ट्रीय लोक अदालत में चैक अनादरण से संबंधित 1469 प्रकरणों का निस्तारण जरिए आपसी समझाईश एवं राजीनामे के माध्यम से किया गया.
10 वर्ष एवं उससे अधिक पुराने 127 प्रकरणों तथा 05 वर्ष से अधिक पुराने 689 प्रकरणों का निस्तारण किया गया.
5 साल बाद पति पत्नि हुए साथ
जोधपुर महानगर में राष्ट्रीय लोक अदालत ने दो पारिवारिक मामलो में भी सफलता हासिल की, जिसके चलते पिछले 5 साल से अलग रह रहे पति पत्नि एक साथ आए.
फैमिली कोर्ट संख्या में पेडिंग मुकदमों को आपसी समझाईश के लिए रखा गया.
लोक अदालत में मामलो की सुनवाई कर रहे पीठासीन अधिकारी सतीश चन्द्र गोदारा और पैनल अधिवक्ता सदस्य शिवलाल बरवड़ ने लोक अदालत की भावना से सुलह-समझौता वार्ता करवाई गई.
दोनो ने राजीखुशी साथ रहने की इच्छा प्रकट करते हुए राजीनामा किया तथा राष्ट्रीय लोक अदालत की भावना से अपने प्रकरण निस्तारण करवाया.
आपसी समझौते के बाद दोनो पति पत्नि ने एक-दूसरे को माला पहनाई.
इसी तरीके से फैमिली कोर्ट संख्या 3 में भी मई 2025 से अलग रह रहे पति पत्नि को एक साथ वापस आने के लिए राजी कर समझौता करवाया गया.