जोधपुर। देशभर में आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, गर्व और देशभक्ति के माहौल में मनाया जा रहा है।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ में भी गणतंत्र दिवस का आयोजन भव्य समारोह के साथ किया गया.
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर स्थित मुख्यपीठ, झालामंड परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज का ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली।
ध्वजारोहण के पश्चात उन्होंने उपस्थित सभी न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रदेश की आम जनता को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने अपने संदेश में संविधान की सर्वोच्चता, कानून के शासन और स्वतंत्र न्यायपालिका की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती न्यायिक संस्थाओं की निष्पक्षता और जनविश्वास से ही सुनिश्चित होती है।
रजिस्ट्रार जनरल का संबोधन
कार्यक्रम में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की ओर से रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

उन्होंने भारतीय संविधान की गरिमा, न्यायपालिका की संवैधानिक जिम्मेदारियों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में न्यायिक अधिकारियों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आम नागरिक का न्यायपालिका पर विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए न्यायिक प्रणाली निरंतर सुधार एवं पारदर्शिता की दिशा में कार्य कर रही है।
उन्होंने न्यायिक क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भी सराहना की।
वरिष्ठ न्यायाधीशों की उपस्थिति
इस अवसर पर राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस विनीत माथुर, जस्टिस फरजंद अली, जस्टिस विनोद कुमार भारवानी, जस्टिस उमाशंकर व्यास, जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी, जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित, जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा, जस्टिस सुनील बेनीवाल, जस्टिस मुकेश राजपुरोहित, जस्टिस संदीप शाह, जस्टिस बलिंदर सिंह संधू और जस्टिस संजीत पुरोहित शामिल रहे।

इसके साथ ही राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी, राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत, विभिन्न पदाधिकारी, अधिवक्ता तथा न्यायिक कर्मचारी भी बड़ी संख्या में समारोह में मौजूद रहे।
दिव्यांग बच्चों की देशभक्ति प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र
ध्वजारोहण के पश्चात विशेष दिव्यांग बच्चों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
विशेष रूप से ब्लाइंड स्कूल के बच्चों की प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
बच्चों की भावपूर्ण और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों को न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं ने तालियां बजाकर सराहा और उनका उत्साहवर्धन किया।