टॉप स्टोरी

चर्चित खबरें

देश के 8 हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति, जस्टिस पी एस भाटी जम्मू कश्मीर के बने मुख्य न्यायाधीश

99% of Social Media Data Not in India, We Don’t Even Know Where Our Data Is: Justice Pushpendra Singh Bhati Warns at Cyber Security Conference

केंद्र सरकार ने जारी की नियुक्तियों की अधिसूचना, राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी अब संभालेंगे जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट की कमान

नई दिल्ली। देश की न्यायपालिका से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद 8 हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने नियुक्तियों की जानकारी साझा की है।

सबसे महत्वपूर्ण नियुक्ति में राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।

वहीं छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।

इन 8 हाईकोर्ट को मिले नए चीफ जस्टिस

नियुक्तियों के अनुसार—

जस्टिस वल्लुरी कामेश्वर राव — पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस रवींद्र वी. घुगे — कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल — राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी — बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा — पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस कृष्ण राम महापात्र — छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे — मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी — जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
राजस्थान से जम्मू-कश्मीर तक बड़ा न्यायिक बदलाव

जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की नियुक्ति राजस्थान हाईकोर्ट के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव है। वह वर्तमान में राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश हैं और अब जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

वहीं जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल के राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनने से राजस्थान हाईकोर्ट को भी नया नियमित नेतृत्व मिलेगा।

देश के आठ हाईकोर्ट में एक साथ मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को न्यायिक प्रशासन के लिहाज से बड़ा फेरबदल माना जा रहा है।

सबसे अधिक लोकप्रिय