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न्यायिक कार्य बहिष्कार पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन पुनर्विचार करे – कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश

Rajasthan High Court Acting CJ Urges Bar Association to Reconsider Judicial Boycott

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ में आज एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब एक साथ 39 न्यायाधीश विभिन्न अदालतों में सुनवाई के लिए बैठे।

इनमें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश शामिल रहे।

विशेष रूप से 12 न्यायाधीशों की चार अलग-अलग लार्जर बेंचों का गठन किया गया था, ताकि महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की जा सके।

हालांकि, न्यायालय परिसर में यह स्थिति असामान्य रही कि किसी भी अदालत में अधिवक्ताओं की उपस्थिति नजर नहीं आई।

न तो बार के पदाधिकारी, न महाधिवक्ता, न वरिष्ठ अधिवक्ता और न ही सरकारी अधिवक्ता अदालतों में उपस्थित हुए। इसे लेकर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।

बार एसोसिएशन के बहिष्कार निर्णय पर जताई चिंता

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि लार्जर बेंचों का गठन इसलिए किया गया था ताकि लंबित और महत्वपूर्ण मामलों का प्रभावी निस्तारण हो सके, लेकिन हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा न्यायिक कार्य बहिष्कार किए जाने के कारण अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति रही।

उन्होंने कहा कि न्यायालय व्यवस्था में बार और बेंच दोनों की समान भूमिका है और यदि अधिवक्ता अदालतों में उपस्थित नहीं होंगे तो न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होगी।

आदेश में भी दर्ज की टिप्पणी

सूत्रों के अनुसार, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने अपने आदेश में भी इस विषय का उल्लेख किया है। उन्होंने बार पदाधिकारियों को सुझाव दिया कि वे न्यायिक कार्य बहिष्कार के अपने निर्णय पर पुनर्विचार करें और न्यायालय की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग दें।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि न्यायिक कार्य से दूरी बनाना न्याय व्यवस्था के हित में नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट में दिए शपथपत्र की दिलाई याद

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने बार एसोसिएशन को यह भी याद दिलाया कि बार पदाधिकारियों ने पूर्व में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष शपथपत्र प्रस्तुत किया था, जिसमें यह आश्वासन दिया गया था कि वे न्यायिक कार्य का बहिष्कार नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि जब सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लिखित आश्वासन दिया गया है, तब उसका पालन भी किया जाना चाहिए।

लार्जर बेंच ने की महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई

आज गठित लार्जर बेंचों में से एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। इस तीन सदस्यीय बेंच में जस्टिस समीर जैन और जस्टिस भुवन गोयल भी शामिल रहे।

करीब 16 मिनट चली सुनवाई के दौरान जोधपुर से ऑनलाइन जुड़े अधिवक्ता रवि जोशी को तकनीकी कारणों से बेंच की आवाज स्पष्ट सुनाई नहीं दी। वहीं जयपुर से अधिवक्ता शालिनी शेरोन ने ऑनलाइन माध्यम से अदालत की सहायता की।

आयकर विभाग को नोटिस जारी

सुनवाई के बाद अदालत ने मामले में आयकर विभाग को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई पर अपना प्रतिनिधित्व पेश करने के निर्देश दिए।

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