जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की मांग को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन, जोधपुर खुलकर सामने आ गया है।
सीजेआई के दौरे के बीच ही शनिवार को राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर के अध्यक्ष रणजीत जोशी ने सार्वजनिक रूप से बयान जारी करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट को पत्र भेजा है।
रणजीत जोशी, अध्यक्ष राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर
स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की मांग को लेकर एडवोकेट्स एसोसिएशन ने CJI को पत्र लिखा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी द्वारा देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को भेजे गए प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से कहा है कि राजस्थान हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है, ताकि बार और बेंच के बीच मधुर संबंध बनाए रखे जा सकें और न्यायिक व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।

CJI के दौरे के बीच बढ़ी हलचल
यह पूरा घटनाक्रम उस समय और अधिक चर्चा में आ गया जब मुख्य न्यायाधीश के दौरे के दौरान शनिवार को राजस्थान हाईकोर्ट की लार्जर बेंच में सुनवाई चल रही थी।
सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने न्यायिक कार्य बहिष्कार को लेकर बार एसोसिएशन को पुनर्विचार करने का सुझाव दिया।
सुनवाई के कुछ समय बाद ही कोर्ट की कार्यवाही का वीडियो अधिवक्ताओं के व्हाट्सऐप ग्रुप में वायरल हुआ, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।
स्थायी मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त
एसोसिएशन ने अपने प्रतिवेदन में कहा है कि राजस्थान हाईकोर्ट में लंबे समय से स्थायी मुख्य न्यायाधीश का पद खाली पड़ा है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि स्थायी नेतृत्व के अभाव में न्यायालय की प्रशासनिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है और कई महत्वपूर्ण निर्णय लंबित हो रहे हैं।

बार-बेंच संबंधों में खटास
प्रतिवेदन में यह भी कहा गया है कि अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों के बीच संवाद की कमी के कारण बार और बेंच के संबंधों में खटास उत्पन्न हो रही है।
कई बार असहमति और टकराव की स्थिति बन रही है, जो न्यायिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं मानी जा सकती।
एसोसिएशन का मानना है कि बार और बेंच न्याय प्रणाली के दो मजबूत स्तंभ हैं और इनके बीच समन्वय बेहद जरूरी है।
अधिवक्ताओं की मूलभूत समस्याएं
एसोसिएशन ने पत्र में अधिवक्ताओं की बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया है। छोटे-छोटे चैंबर, बैठने की उचित व्यवस्था और आवश्यक सुविधाओं के अभाव को लेकर असंतोष जताया गया है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले, जिससे कार्य का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
एडवोकेट्स एसोसिएशन ने देश के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में जल्द से जल्द स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।