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सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट रिटायर्ड जज एसोसिएशन के अध्यक्ष बने जस्टिस जे के रांका, नई कार्यकारिणी का भी गठन

Justice J.K. Ranka Elected National President of Retired Judges’ Association at Jaipur AGM

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस जे.के. रांका को Association of Retired Judges of Supreme Court and High Courts of India का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है।

राजधानी जयपुर में रविवार को आयोजित एसोसिएशन की एग्जिक्यूटिव मीटिंग और एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के दौरान हुए चुनाव में यह निर्वाचन हुआ है।

जस्टिस जे.के. रांका को उनके अनुभव, न्यायिक दृष्टिकोण और प्रशासनिक क्षमता के आधार पर सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

उनके नेतृत्व में एसोसिएशन से न्यायिक सुधार, वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) और कानूनी जागरूकता के क्षेत्र में नई पहल की उम्मीद जताई जा रही है।

नई कार्यकारिणी का गठन

इस बैठक में केवल अध्यक्ष का ही नहीं, बल्कि पूरी कार्यकारिणी का गठन भी किया गया।

उपाध्यक्ष पद पर जस्टिस कुमार सक्सेना, जस्टिस राजेश टंडन और जस्टिस प्रह्लाद राव का निर्वाचन हुआ।

वहीं सचिव पद के लिए विजय कुमार व्यास और जस्टिस आई.एस. श्रीवास्तव को जिम्मेदारी सौंपी गई।

इसके अतिरिक्त एसोसिएशन की एग्जिक्यूटिव कमेटी के 10 में से 9 पदों पर भी सेवानिवृत्त न्यायाधीशों का निर्वाचन किया गया।

नई टीम के गठन के बाद औपचारिक रूप से कार्यभार भी सौंप दिया गया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष जस्टिस जे.के. रांका का दृष्टिकोण

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद जस्टिस जे.के. रांका ने कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के पास अनुभव का एक विशाल भंडार होता है, जिसका उपयोग समाज के हित में किया जाना चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) तंत्र को मजबूत करने और आम लोगों के बीच कानूनी जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि अदालतों में लंबित मामलों की संख्या को कम करने के लिए ADR एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। इसके लिए रिटायर्ड जजों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके अनुभव और निष्पक्षता से विवादों का त्वरित और न्यायसंगत समाधान संभव है।

जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन

इस चुनाव से पहले जयपुर में एसोसिएशन की एक दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई, जिसने इस पूरे आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। इस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन देश के मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant द्वारा किया गया।

‘द बेंच बियॉन्ड रिटायरमेंट: रोल ऑफ रिटायर्ड जजेज इन एडवांसमेंट ऑफ ADR एंड लीगल अवेयरनेस अमंग कॉमन मासेस’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में न्यायिक प्रणाली में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई।

इस दौरान देशभर से आए रिटायर्ड जजों के साथ-साथ Rajasthan High Court के सभी वर्तमान न्यायाधीशों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सम्मेलन में न्यायिक सुधार, ADR की उपयोगिता और आम जनता के लिए कानूनी सेवाओं को सरल बनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।

समाज और न्याय के बीच सेतु

एसोसिएशन का उद्देश्य केवल न्यायिक विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और न्याय व्यवस्था के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य भी करता है।

रिटायर्ड जज अपने अनुभव के आधार पर न केवल कानूनी सलाह दे सकते हैं, बल्कि जटिल विवादों को सुलझाने में भी मदद कर सकते हैं।

नई कार्यकारिणी से उम्मीद की जा रही है कि वह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता अभियान चलाएगी, ताकि आम नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो सकें।

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