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राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: MBC अभ्यर्थी OBC आरक्षण का लाभ नहीं ले सकते, REET-2021 शिक्षक भर्ती की सभी याचिकाएं खारिज

Rajasthan High Court Rules MBC Candidates Cannot Claim OBC Reservation Benefit in REET-2021 Teacher Recruitment

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने REET-2021 के आधार पर हुई तृतीय श्रेणी शिक्षक (ग्रेड-III लेवल-I) भर्ती से जुड़े बहुचर्चित आरक्षण विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि Most Backward Class (MBC) के अभ्यर्थी OBC (Other Backward Class) आरक्षण का लाभ नहीं ले सकते।

जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने इस मामले में आरक्षण को लेकर दायर सभी रिट याचिकाओं को खारिज करते हुए सरकार द्वारा 2 मई, 2022 को जारी संशोधित चयन सूची को वैध ठहराया।

चयन सूची से नाम हटने पर याचिका

पूर्व में REET परिणाम के आधार पर 17 अप्रैल और 27 अप्रैल, 2022 को जारी चयन सूची में याचिकाकर्ताओं का चयन कर उन्हें जिला आवंटित कर दिया गया था।

लेकिन 2 मई, 2022 को जारी संशोधित चयन सूची में उनके नाम हटा दिए गए।

नाम हटने को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि MBC, OBC का ही उपवर्ग है, इसलिए उन्हें OBC श्रेणी में भी नियुक्ति का लाभ मिलना चाहिए।

याचिका में अदालत से संशोधित चयन सूची निरस्त कर पूर्व चयन सूची के आधार पर नियुक्ति देने की मांग की गई थी।

सरकार ने कहा-प्रारंभिक सूची में हुई थी त्रुटि

राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) एस.एस. नरूका के लिए अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता (AGC) चिन्मय सक्सेना ने पैरवी की।

राज्य सरकार ने अदालत में जवाब देते हुए कहा कि प्रारंभिक चयन सूची तैयार करते समय आरक्षण नीति के क्रियान्वयन में त्रुटि हो गई थी, जिसे बाद में संशोधित चयन सूची जारी कर सुधार लिया गया।

सरकार ने स्पष्ट किया कि MBC एक पृथक आरक्षित श्रेणी है, इसलिए उसके अभ्यर्थियों को OBC आरक्षित सीटों पर आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता।

संशोधित सूची में अभ्यर्थियों को उनकी वास्तविक श्रेणी के अनुसार समायोजित किया गया, जिससे कटऑफ में बदलाव हुआ और कुछ अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए।

हाईकोर्ट ने कानून की व्याख्या की

राजस्थान हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपने फैसले में कहा कि राजस्थान पिछड़ा वर्ग (आरक्षण) अधिनियम, 2017 तथा 2019 के संशोधन के तहत MBC के लिए पृथक 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

ऐसे में MBC अभ्यर्थी OBC आरक्षण पर दावा नहीं कर सकते। यदि प्रारंभिक चयन सूची में कानून के विपरीत कोई त्रुटि रह गई थी, तो राज्य सरकार उसे संशोधित करने के लिए पूर्णतः अधिकृत थी।

भारत कुमार चौधरी का फैसला लागू नहीं

याचिकाकर्ताओं ने अपने पक्ष में भारत कुमार चौधरी बनाम भारत संघ के निर्णय का हवाला दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह मामला NEET प्रवेश प्रक्रिया में दिव्यांग (PwD) श्रेणी से संबंधित था और वर्तमान शिक्षक भर्ती विवाद पर लागू नहीं होता।

इसलिए उस निर्णय के आधार पर याचिकाकर्ताओं को कोई राहत नहीं दी जा सकती।

सभी याचिकाएं खारिज

राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में दायर सभी याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि 2 मई, 2022 की संशोधित चयन सूची पूरी तरह वैध है।

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