जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में जारी टीचिंग एसोसिएट भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया भर्ती प्रक्रिया की वैधानिकता पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हुए अंतरिम आदेश के जरिए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने डॉ घनश्याम शर्मा व 280 अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर याचिकाओं और विशेष अपीलों पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया हैं.
याचिका में दलीले
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ वीरेन्द्र लोढा, प्रवीण शर्मा, हिमांशु जैन ने पैरवी करते हुए कहा कि राज्य सरकार एवं संबंधित विभाग द्वारा टीचिंग एसोसिएट की भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों और संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं अपनाई गई है।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया को वर्तमान स्वरूप में आगे बढ़ने दिया गया तो इससे अनेक पात्र एवं योग्य अभ्यर्थियों के अधिकारों को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि चयन प्रक्रिया में समान अवसर, पारदर्शिता तथा निष्पक्षता के संवैधानिक सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया है।
याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय से आग्रह किया कि मामले के अंतिम निर्णय तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए, जिससे बाद में उत्पन्न होने वाली जटिल परिस्थितियों से बचा जा सके तथा किसी भी पक्ष के अधिकार प्रभावित न हों।
राज्य सरकार का पक्ष
राज्य सरकार एवं अन्य प्रतिवादियों की ओर से भर्ती प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा गया कि टीचिंग एसोसिएट भर्ती पूरी तरह सक्षम प्राधिकारी द्वारा लागू नीतियों एवं प्रचलित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है।
सरकार ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी है तथा इसमें किसी प्रकार की अवैधानिकता या मनमानी नहीं की गई है।
प्रतिवादियों का कहना था कि भर्ती का उद्देश्य प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना तथा रिक्त पदों को शीघ्र भरना है।
प्रतिवादियों ने हाईकोर्ट से निवेदन किया कि भर्ती प्रक्रिया को रोकने से उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षण कार्य प्रभावित होगा, इसलिए अंतरिम रोक लगाने का कोई औचित्य नहीं है और भर्ती प्रक्रिया को जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।
हाईकोर्ट का आदेश
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय होने तक भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, ताकि किसी भी पक्ष के अधिकारों को अपूरणीय क्षति न पहुंचे।
इस मामले में राज्य सरकार, उच्च शिक्षा विभाग, कॉलेज शिक्षा आयुक्त, राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसायटी, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड तथा विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को पक्षकार बनाया गया है।
यह केवल अंतरिम आदेश है और भर्ती की वैधता पर अंतिम निर्णय विस्तृत सुनवाई के बाद ही होगा।
फिलहाल, हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के कारण टीचिंग एसोसिएट भर्ती प्रक्रिया पर रोक लागू रहेगी और अब अगली सुनवाई में राज्य सरकार तथा संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर मामले की आगे सुनवाई होगी।