जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी की खंडपीठ ने मांगा जवाब, अधिवक्ता मोती सिंह राजपुरोहित नियुक्त हुए न्याय मित्र; दो सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर में मंदिरों, शिक्षण संस्थानों, दो न्यायाधीशों के सरकारी आवास तथा अन्य सरकारी और धार्मिक संपत्तियों को कथित रूप से वक्फ बोर्ड की संपत्ति के रूप में दर्ज किए जाने के मामले में स्वप्रेणा प्रसंज्ञान लिया है.
दैनिक भास्कर में प्रकाशित विशेष समाचार पर स्वप्रेरणा (Suo Motu) से प्रसंज्ञान लेते हुए सोमवार को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित केंद्र सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस जारी किए हैं।
यह मामला दैनिक भास्कर में प्रकाशित उस समाचार के बाद हाईकोर्ट के संज्ञान में आया, जिसमें दावा किया गया था कि जोधपुर में दो जजों के बंगले, गीता भवन, स्कूल-कॉलेज, चार मंदिर तथा अन्य सरकारी भूमि को वक्फ बोर्ड की संपत्ति के रूप में दर्ज कर दिया गया है।
रिपोर्ट में क्या कहा
दैनिक भास्कर ने यह भी उल्लेख किया कि कथित रूप से 129 बीघा सरकारी भूमि में गड़बड़ी और रिकॉर्ड में अनियमितताएं सामने आई हैं।
मामले की सुनवाई राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी की खंडपीठ ने की।
हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, वक्फ मंत्रालय, राजस्व विभाग, जिला कलेक्टर तथा अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब तलब किया है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने वरिष्ठ अधिवक्ता मोती सिंह राजपुरोहित को न्याय मित्र (Amicus Curiae) नियुक्त किया, ताकि पूरे मामले में न्यायालय को स्वतंत्र और निष्पक्ष विधिक सहायता मिल सके।
वहीं, नगर निगम और जिला कलेक्टर की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) राजेश पवार न्यायालय में उपस्थित हुए और पक्ष रखा।
हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों से रिकॉर्ड सहित विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है।
