नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान की पूर्ववर्ती गहलोत सरकार को अनावश्यक मुकदमेबाजी करने के लिए कड़ी फटकार लगाते हुए 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामला वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के हस्तक्षेप के बाद हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था।
मामला अजमेर के एक डॉक्टर के खिलाफ दर्ज एसीबी प्रकरण से जुड़ा था।
आरोप था कि डॉक्टर सरकारी योजनाओं का लाभ अनुचित तरीके से दे रहे थे। हालांकि, जांच के बाद अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
इसके बावजूद सरकार ने मामला हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाया।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि इस मामले में सरकार की ओर से अनावश्यक रूप से अदालत का समय बर्बाद किया गया.
अदालत ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर 50-50 हजार रुपये, कुल 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए पूर्ववती सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई।