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BREAKING: राजस्थान APO प्रीलिम्स में 28,740 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, 27 दिसंबर को होगी मेन्स परीक्षा

Rajasthan APO Prelims 2026: 28,740 Candidates Appear for 371 Posts, Law Section Toughest

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से बुधवार को जयपुर और अजमेर के परीक्षा केन्द्रो पर आयोजित हुई Assistant Prosecution Officer (APO) के लिए प्रारंभिक परीक्षा में कुल 54.47 प्रतिशत छात्र ही शामिल हुए.

371 पदों के लिए 2 सितंबर बुधवार को आयोजित Preliminary Examination 2026 में कुल 52,766 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था.

लेकिन परीक्षा में 28,740 अभ्यर्थी ही शामिल हुए। इस तरह कुल उपस्थिति 54.47 प्रतिशत रही, जबकि 24,026 अभ्यर्थी परीक्षा से गैरहाजिर रहे।

परीक्षा के बाद सामने आए अभ्यर्थियों के फीडबैक में Law Section सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया।

कानून के सवालों ने अभ्यर्थियों की केवल रटने की क्षमता नहीं, बल्कि कानूनी प्रावधानों, अपवादों, अवधारणाओं और Case Law की गहरी समझ को परखा।

जयपुर में ज्यादा जोश, 56.24% अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा

APO प्रीलिम्स का आयोजन जयपुर और अजमेर में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक किया गया।

जयपुर में कुल 37,761 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 21,237 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। यहां उपस्थिति 56.24 प्रतिशत रही।

वहीं अजमेर में 15,005 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 7,503 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। अजमेर में कुल उपस्थिति 50 प्रतिशत दर्ज की गई।

दोनों शहरों को मिलाकर 28,740 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 24,026 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

LAW SECTION ने छुड़ाया पसीना, नए आपराधिक कानूनों से भी सवाल

परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के अनुसार पेपर का स्तर Moderate से Difficult रहा। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा Law Section की रही।

कानून के प्रश्नों में अभ्यर्थियों को Statutory Provisions, Exceptions, Legal Concepts और Case Law की जानकारी का इस्तेमाल करना पड़ा।

यही वजह रही कि सामान्य तैयारी के बजाय विषय की गहरी समझ रखने वाले अभ्यर्थियों को बढ़त मिलने की संभावना बनी।

खास बात यह रही कि पेपर में नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) से संबंधित प्रश्न भी शामिल रहे।

इसके अलावा Special Laws और परीक्षा में निर्धारित अन्य कानूनी विषयों से भी प्रश्न पूछे गए।

इससे Law Section केवल रिवीजन आधारित परीक्षा नहीं रहा, बल्कि अभ्यर्थियों की Conceptual और Applied Legal Understanding की भी परीक्षा हुई।

हिंदी-अंग्रेजी ने दी राहत, लेकिन Accuracy रही जरूरी

Law की तुलना में General Hindi और General English के प्रश्न अभ्यर्थियों को अपेक्षाकृत आसान लगे।

दोनों विषयों के लिए 15-15 अंक निर्धारित थे। प्रश्नों में मुख्य रूप से Grammar, Vocabulary और Basic Language Proficiency पर जोर रहा।

हालांकि प्रश्न अपेक्षाकृत आसान होने के बावजूद कम समय में सटीक उत्तर देना महत्वपूर्ण रहा।

मजबूत बेसिक वाले अभ्यर्थियों के लिए इन दोनों सेक्शन ने पेपर को संतुलित करने का काम किया।

मुख्य परीक्षा 27 दिसंबर को:

प्रीलिम्स खत्म होने के साथ ही अब अभ्यर्थियों की नजर 27 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित APO Main Examination पर है।

मेन्स परीक्षा प्रीलिम्स से पूरी तरह अलग और अधिक निर्णायक होगी। इसमें कुल 400 अंक होंगे, जिसमें अकेले Law के 300 अंक होंगे।

वहीं General Hindi और General English के लिए कुल 100 अंक निर्धारित हैं।

यानी चयन की अगली और सबसे महत्वपूर्ण लड़ाई 27 दिसंबर को होगी।

प्रीलिम्स में जहां अभ्यर्थियों को Objective Questions के जरिए अपनी तैयारी साबित करनी पड़ी, वहीं मेन्स में Descriptive Examination के कारण कानूनी विषयों की गहरी समझ और प्रभावी उत्तर लेखन महत्वपूर्ण होगा।

371 पद, हजारों दावेदार-अब हर अंक होगा निर्णायक

371 पदों के लिए 28,740 अभ्यर्थियों की परीक्षा में मौजूदगी ने प्रतियोगिता का स्तर साफ कर दिया है। अब प्रीलिम्स के बाद सफल अभ्यर्थियों के सामने मेन्स की चुनौती होगी।

सबसे बड़ा फोकस 300 अंकों के Law Paper पर रहेगा। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने नए आपराधिक कानूनों के साथ-साथ Special Laws, Legal Concepts और Case Law पर मजबूत पकड़ बनाई है, उनके लिए मेन्स में बढ़त बनाने का मौका होगा।

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