नई दिल्ली: क्या शादी के बाद पत्नी के लिए जरूरी है कि पति नौकरी या किसी दूसरी वजह से जहां जाए, वह भी उसके पीछे-पीछे चली जाए?
मद्रास हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले में इस सोच को साफ तौर पर खारिज करते हुए 16 साल से अलग रह रहे एक दंपति को तलाक दे दिया।
हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी से हर हाल में पति के पीछे चलने की उम्मीद नहीं की जा सकती।
इसी बात को समझाने के लिए कोर्ट ने वोडाफोन के पुराने विज्ञापन में दिखने वाले पग डॉग का उदाहरण दिया।
जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस एमडी सुमति की बेंच ने कहा कि
‘पत्नी से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह हर जगह पति के पीछे उसी तरह चलती रहे, जैसे वोडाफोन के पुराने विज्ञापन में पग डॉग अपने मालिक के पीछे चलता था।’
हाईकोर्ट ने इसी टिप्पणी के साथ फैमिली कोर्ट के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें पति को तलाक देने से इनकार किया गया था।
हाईकोर्ट ने 16 साल से अलग रह रहे पति-पत्नी की शादी को खत्म करते हुए माना कि दोनों के रिश्ते में इतनी दूरी और कड़वाहट आ चुकी है कि अब साथ आने की कोई उम्मीद नहीं है।
हालांकि, तलाक के साथ कोर्ट ने पति को पत्नी के लिए 7 लाख रुपये एलिमनी के तौर पर देने का भी आदेश दिया है।
पति मुंबई गया, पत्नी साथ नहीं गई
मामला 1992 में हुई शादी से जुड़ा है। पति-पत्नी के चार बच्चे हैं। बाद में पति नौकरी के लिए तमिलनाडु के शिवगंगा से मुंबई चला गया।
लेकिन पत्नी उसके साथ मुंबई नहीं गई। धीरे-धीरे दोनों अलग रहने लगे और करीब 16 साल तक साथ नहीं रहे।
पति ने 2014 में फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई थी।
उसने पत्नी पर किसी दूसरे व्यक्ति के साथ अवैध संबंध होने का आरोप भी लगाया। लेकिन फैमिली कोर्ट ने तलाक देने से इनकार कर दिया।
फैमिली कोर्ट का तर्क भी खारिज किया
फैमिली कोर्ट ने पति की तलाक की मांग खारिज करते हुए माना था कि पति खुद पत्नी को छोड़कर नौकरी के लिए मुंबई गया था। इसलिए वह बाद में पत्नी के गलत आचरण को आधार बनाकर तलाक नहीं मांग सकता।
मद्रास हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के इस तर्क को सही नहीं माना।
हाईकोर्ट ने कहा कि नौकरी की वजह से पति-पत्नी का अलग-अलग जगह रहना अपने आप में गलत नहीं माना जा सकता। हर नौकरी में पति के साथ पत्नी का जाना संभव हो, यह जरूरी नहीं है।
हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी साफ किया कि कोई पति अपनी ही गंभीर गलती का फायदा उठाकर तलाक नहीं मांग सकता।
लेकिन इस मामले में सिर्फ नौकरी के लिए मुंबई जाना ऐसी गलती नहीं थी, जिसकी वजह से पति को तलाक मांगने से रोका जाए।
‘पत्नी कोई Vodafone pug dog नहीं है’
यही वह बात थी, जिस पर हाईकोर्ट की टिप्पणी सबसे ज्यादा चर्चा में आई।
हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि पति जहां जाए, वह भी हर हाल में उसके पीछे चलती रहे।
हाईकोर्ट ने समझाया कि कई बार नौकरी की परिस्थितियां ऐसी होती हैं, जहां पति अपनी पत्नी को साथ नहीं रख सकता।
सेना में नौकरी इसका सबसे बड़ा उदाहरण हो सकती है।
इसी बात को समझाने के लिए कोर्ट ने वोडाफो के पग डॉग का उदाहरण दिया। कोर्ट का कहना था कि पत्नी की भूमिका पति के पीछे चलने वाले किसी पालतू जानवर जैसी नहीं हो सकती।
यानी शादी का मतलब यह नहीं कि पत्नी की अपनी जिंदगी, नौकरी या फैसलों की कोई जगह नहीं रह जाती।
पत्नी भी नौकरी, परिवार या दूसरी जिम्मेदारियों के कारण अलग जगह रह सकती है। सिर्फ पति के साथ न रहने को अपने आप में पत्नी की गलती नहीं माना जा सकता।
16 साल की दूरी को माना अहम
हाईकोर्ट ने देखा कि पति-पत्नी करीब 16 साल से अलग रह रहे हैं। इतने लंबे समय में दोनों के बीच रिश्ता दोबारा ठीक करने की कोई विशेष कोशिश नहीं हुई।
कोर्ट ने दोनों के बीच समझौता कराने की कोशिश भी की, लेकिन बात नहीं बनी। इससे साफ हुआ कि दोनों के बीच दूरी और कड़वाहट काफी बढ़ चुकी है।
हाईकोर्ट ने माना कि अब उनके दोबारा साथ आने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे हालात में सिर्फ कानूनी तौर पर शादी का रिश्ता बनाए रखना व्यावहारिक नहीं रह गया था।
इसी वजह से हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला पलटते हुए तलाक मंजूर कर दिया।
अवैध संबंध नहीं बना तलाक का आधार
पति ने पत्नी पर दूसरे व्यक्ति के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाया था। लेकिन हाईकोर्ट ने इस आरोप को तलाक का आधार नहीं माना।
हाईकोर्ट ने कहा कि जिस व्यक्ति को पत्नी का कथित प्रेमी बताया गया था, उसे इस मामले में पक्षकार ही नहीं बनाया गया।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के आरोप में कथित प्रेमी को भी मामले में शामिल करना जरूरी था। ऐसा नहीं होने पर केवल इस आरोप के आधार पर पत्नी के खिलाफ फैसला नहीं दिया जा सकता।
तलाक के साथ पत्नी को 7 लाख रुपये
हाईकोर्ट ने तलाक मंजूर करने के साथ पत्नी को 7 लाख रुपये गुजारा भत्ता देने का भी आदेश दिया।
हाईकोर्ट ने साफ किया कि यह रकम जमा होने के बाद ही तलाक की डिक्री प्रभावी होगी।
पूरे मामले में कोर्ट ने यह भी माना कि पति-पत्नी का रिश्ता बराबरी का है। सिर्फ नौकरी या किसी दूसरी वजह से दोनों का अलग-अलग जगह रहना पत्नी की गलती नहीं माना जा सकता।
लेकिन जब पति-पत्नी लंबे समय से अलग रह रहे हों, रिश्ते को बचाने की कोशिशें भी कामयाब न हों और साथ आने की कोई संभावना न बचे, तो कोर्ट शादी खत्म करने का फैसला ले सकता है।