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Breaking : राजस्थान हाईकोर्ट विवाद में नया मोड़, जस्टिस संदीप मेहता द्वारा CJI सूर्यकांत को फिर चिट्ठी लिखने के दावे

Justice Sandeep Mehta Writes Fourth Letter to CJI Surya Kant Over Rajasthan High Court Dispute

30 अगस्त को भेजी चौथी चिट्ठी में जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ फिर लगाए गंभीर आरोप, सबूतों का किया दावा

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा से जुड़े विवाद में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने CJI सूर्यकांत को 30 अगस्त को चौथी चिट्ठी लिखने की खबर सामने आई है।

First India News में प्रसारित कि गयी खबर के अनुसार इस चिटठी में जस्टिस संदीप मेहता ने जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ लगाए गए अपने पुराने आरोपों को दोहराते हुए उनके समर्थन में सबूत होने का दावा किया है।

जस्टिस मेहता ने अपनी नई चिट्ठी में 2 अगस्त, 10 अगस्त और 17 अगस्त 2026 को लिखी गई पिछली तीन चिट्ठियों का भी हवाला दिया है।

खबर में दावा किया गया हैं कि राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश पर कथित तौर पर मनमाने कामकाज और संदिग्ध फैसलों से जुड़ी कई घटनाओं का जिक्र किया है।

‘पिछली चिट्ठियों में बताई घटनाओं को फिर दोहराया’

नई चिट्ठी में जस्टिस मेहता ने कहा है कि उन्होंने अपनी पिछली चिट्ठियों में राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के कामकाज और कुछ फैसलों को लेकर जिन घटनाओं का उल्लेख किया था, उन्हें एक बार फिर CJI के सामने रखा है।

उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में प्रमाण उपलब्ध होने का दावा भी किया है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित संवैधानिक और न्यायिक स्तर पर होने वाली जांच एवं निर्णय के बाद ही सामने आएगा।

राष्ट्रपति को भी भेजी गयी चिट्टटी

खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस संदीप मेहता की चिट्टी देश के मुख्य न्यायाधीश के साथ ही राष्ट्रपति को भी भेजी गयी हैं.

इस चिट्टठी को लेकर यह भी कहा जा रहा हैं कि इसमें पूर्व में लिखे गये पत्रों के आरोपो के पक्ष में सबूत भी दिए गए हैं.

विवाद में पहले भी लिखी जा चुकी हैं तीन चिट्ठियां

इससे पहले जस्टिस संदीप मेहता ने 2, 10 और 17 अगस्त को CJI को पत्र लिखकर राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ शिकायत की थी।

जस्टिस मेहता ने आरोप लगाया था कि जस्टिस शर्मा कथित तौर पर साथी न्यायाधीशों को स्थानांतरण की धमकी देते हैं और अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की आवश्यकता पर भी जोर दिया था।

ACJ शर्मा ने आरोपों को किया था खारिज

दूसरी ओर, जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा इन आरोपों को पहले ही झूठा, निराधार और तथ्यहीन बता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि जस्टिस मेहता ने रंजिशवश आरोप लगाए हैं और उन्होंने CJI के समक्ष अपना पक्ष प्रमाण और तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया है।

अब जस्टिस मेहता की 30 अगस्त की चौथी चिट्ठी सामने आने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट से जुड़ा यह विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। मामले में आगे CJI और सुप्रीम कोर्ट स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर न्यायिक गलियारों की नजर बनी हुई है।

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