जयपुर। कनोरिया स्कूल ऑफ लॉ फॉर विमेन (KSLW), जयपुर की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन वाद-विवाद प्रतियोगिता “Parley 6.0: Debate Competition” आज शुरू हो गई है।
दो दिवसीय यह प्रतियोगिता 8 और 9 सितंबर को आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता का आयोजन राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग (RSHRC) के सहयोग से किया जा रहा है, जबकि Laws & Legals इसका मीडिया पार्टनर है।
प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न कानून संस्थानों के स्नातक स्तर के कानून विद्यार्थी समकालीन सामाजिक, संवैधानिक और कानूनी मुद्दों पर अपने तर्क प्रस्तुत कर रहे हैं।
प्रतियोगिता का उद्देश्य युवा कानून विद्यार्थियों को ऐसा राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे शोध, तार्किक विश्लेषण और प्रभावी अभिव्यक्ति के माध्यम से महत्वपूर्ण कानूनी एवं सामाजिक विषयों पर अपनी समझ प्रदर्शित कर सकें।
तीन चरणों में होगी प्रतियोगिता
Parley 6.0 का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया जा रहा है। प्रतियोगिता को तीन चरणों में विभाजित किया गया है—प्रारंभिक राउंड, सेमीफाइनल और फाइनल।
प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष में अपने विचार एवं तर्क प्रस्तुत करने होंगे। इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों की क्रिटिकल थिंकिंग, रिसर्च, पब्लिक स्पीकिंग, प्रेजेंटेशन और एडवोकेसी स्किल्स को परखा जाएगा।
‘सम्मान के साथ मृत्यु का अधिकार’ से लेकर जलवायु परिवर्तन तक मुद्दे
प्रतियोगिता में कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों को बहस के लिए शामिल किया गया है। इनमें Right to Die with Dignity (सम्मान के साथ मृत्यु का अधिकार), Female Intestate Succession Reform (महिलाओं के निर्वसीयती उत्तराधिकार में सुधार) और जलवायु परिवर्तन से निपटने में विकसित देशों की जिम्मेदारी जैसे विषय प्रमुख हैं।
इन विषयों पर बहस के दौरान प्रतिभागियों को कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ संवैधानिक अधिकारों, मानवाधिकार, लैंगिक समानता और वैश्विक जिम्मेदारियों के विभिन्न पहलुओं पर अपने तर्क रखने का अवसर मिलेगा।
RSHRC की ओर से ₹20,400 के नकद पुरस्कार
प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए कुल ₹20,400 की नकद पुरस्कार राशि रखी गई है। यह पुरस्कार राशि राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग की ओर से प्रायोजित की गई है।
विजेताओं के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को भी ई-सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे।
युवा कानूनी प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
Parley प्रतियोगिता के पिछले आयोजनों में देशभर के कानून संस्थानों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया है।
इसी कड़ी में Parley 6.0 के जरिए भी युवा कानून विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और तर्क क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है।
कॉलेज प्राचार्य वर्तिका अरोड़ा के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल बहस के मंच तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनमें संवैधानिक सोच, आत्मविश्वास, तार्किक विश्लेषण और प्रभावी वकालत की क्षमता को मजबूत करना है।
दो दिवसीय यह आयोजन युवा कानूनी मस्तिष्कों के बीच समकालीन कानून और सामाजिक मुद्दों पर सार्थक एवं बौद्धिक संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।