अलवर। राजस्थान हाईकोर्ट के जज जस्टिस भुवन गोयल के अलवर स्थित मकान में दिनदहाड़े चोरी की वारदात सामने आई है।
चोरों ने उनके अलवर आर्यनगर स्थित मकान को निशाना बनाते हुए जंगले, दरवाजे का कुंडा और छत पर जाने वाले जीने के दरवाजे का कुंडा तोड़कर घर में प्रवेश किया।
इसके बाद चोर मकान से पीतल के कीमती बर्तन, नकदी और अन्य सामान चोरी कर ले गए। वारदात के दौरान मकान में देखरेख के लिए रहने वाले अधिवक्ता जगदीश सैनी का आधार कार्ड भी चोरी कर लिया गया।

अधिवक्ता ने दर्ज कराई शिकायत
मामले में अधिवक्ता जगदीश सैनी ने अलवर के कोतवाली थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत के अनुसार, वह वर्ष 2009 से राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश भुवन गोयल के पिता स्वर्गीय बाबूलाल गोयल, जो अधिवक्ता थे, के साथ वकालत कर रहे हैं।
उनके निधन के बाद से जगदीश सैनी गोयल परिवार के कार्यालय और अलवर स्थित मकान की देखरेख करते हैं।
जस्टिस भुवन गोयल वर्तमान में जयपुर में रहते हैं और समय-समय पर अपनी मां के साथ अलवर स्थित घर आते रहते हैं।
अधिवक्ता जगदीश सैनी के अनुसार, वह प्रतिदिन सुबह और शाम कार्यालय में बैठते हैं।
शिकायत में बताया गया कि 22 सितंबर की सुबह वह न्यायालय स्थित कार्यालय चले गए थे।
शाम करीब 4 बजे जब वह वापस मकान पर पहुंचे, तो घर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा मिला।
जांच करने पर मकान के जंगले, दरवाजे का कुंडा और ऊपर जीने के दरवाजे का कुंडा टूटा हुआ मिला। प्रारंभिक तौर पर सामने आया कि चोर इन्हीं रास्तों से मकान में दाखिल हुए थे।

पीतल के बर्तन, नकदी और अन्य सामान चोरी
चोर मकान से पीतल के कीमती बर्तन, नकदी और अन्य सामान लेकर फरार हो गए।
इसके अलावा केयरटेकर अधिवक्ता जगदीश सैनी का आधार कार्ड भी चोरी होने की बात सामने आई है। चोरी की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने मकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति की स्पष्ट तस्वीर मिली, जिसके आधार पर उसकी तलाश शुरू की गई।
एक संदिग्ध हिरासत में, चोरी के सामान की बरामदगी के प्रयास
पुलिस ने मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है।
उससे पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, वारदात का विस्तृत खुलासा शाम तक किए जाने की बात कही गई है।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर चोरी किए गए सामान और नकदी की बरामदगी के प्रयास कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी की वारदात में कितने लोग शामिल थे और संदिग्ध आरोपी ने मकान की रेकी कब और किस तरह की थी।