जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस विनीत कुमार माथुर को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
मुख्य न्यायाधीश की अनुशंसा के बाद राज्यपाल ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी प्रदान कर दी है।
इसके बाद राजस्थान सरकार के विधि एवं विधिक कार्य विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 6(2)(b) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जस्टिस विनीत कुमार माथुर को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया है।
तत्काल प्रभाव से लागू होगी नियुक्ति
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जस्टिस विनीत कुमार माथुर की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। उनका कार्यकाल इस पद का कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि तक रहेगा।
नई जिम्मेदारी के साथ जस्टिस माथुर राजस्थान में विधिक सेवा गतिविधियों, विशेष रूप से जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों तक नि:शुल्क विधिक सहायता पहुंचाने, लोक अदालतों तथा विधिक जागरूकता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वकालत से न्यायिक पीठ तक
जस्टिस विनीत कुमार माथुर का विधिक एवं न्यायिक क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है।
न्यायिक सेवा में आने से पहले उन्होंने दो दशक से अधिक समय तक केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों और अन्य संस्थानों की ओर से अदालतों में पैरवी की।
उन्होंने जिला न्यायालयों से लेकर राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ विभिन्न ट्रिब्यूनल में भी प्रेक्टिस की हैं.
31 मार्च 1970 को हुआ जन्म
जस्टिस विनीत कुमार माथुर का जन्म 31 मार्च 1970 को हुआ। उन्होंने बी.एससी. और एलएल.बी. की शिक्षा प्राप्त की। 12 अगस्त 1993 को उन्होंने अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया और इसके बाद विधिक क्षेत्र में अपने पेशेवर सफर की शुरुआत की।
करीब 23 वर्षों के विधिक अनुभव के बाद 16 नवंबर 2016 को उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया।
हाईकोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश
16 नवंबर 2016 को राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने के बाद जस्टिस विनीत कुमार माथुर ने न्यायिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
वर्तमान में वे राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के बाद सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं।

WIPO के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भी लिया हिस्सा
जस्टिस विनीत कुमार माथुर ने हाल ही में विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) के 2025 के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भी भाग लिया।
इस कार्यक्रम में दुनिया के विभिन्न देशों से करीब 500 न्यायाधीशों ने हिस्सा लिया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में उनकी भागीदारी उनके व्यापक न्यायिक एवं विधिक अनुभव को दर्शाती है।
केंद्र सरकार में भी संभाली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
जस्टिस माथुर ने केंद्र सरकार की ओर से भी लंबे समय तक महत्वपूर्ण विधिक जिम्मेदारियां संभालीं। वे 2004 से 2014 तक भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में कार्यरत रहे।
इससे पहले उन्होंने 1995 से 2004 तक अतिरिक्त केंद्रीय सरकारी स्थायी अधिवक्ता के रूप में केंद्र सरकार का पक्ष रखा। इसके अलावा वे केंद्रीय उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क एवं सेवा कर विभाग के वरिष्ठ स्थायी अधिवक्ता के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट के स्थायी अधिवक्ता भी रहे
अपने लंबे अधिवक्ता कार्यकाल के दौरान जस्टिस विनीत कुमार माथुर ने राजस्थान सरकार तथा केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और अनेक सार्वजनिक संस्थानों का प्रतिनिधित्व किया।
उन्होंने राजस्थान सरकार के वाणिज्यिक कर विभाग, राजस्थान लोक सेवा आयोग, भारत संचार निगम लिमिटेड, राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम, भारतीय रेल तथा भारत सरकार के आयकर विभाग की ओर से भी विभिन्न मामलों में पैरवी की।
इसके अतिरिक्त राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम, मरुस्थलीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, शुष्क वन अनुसंधान संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, जोधपुर, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर तथा आईडीबीआई बैंक सहित अनेक संस्थानों का भी उन्होंने प्रतिनिधित्व किया।
सुप्रीम कोर्ट से विभिन्न न्यायाधिकरणों तक पैरवी
जस्टिस माथुर का विधिक अनुभव केवल हाईकोर्ट तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने जिला न्यायालयों, विभिन्न हाईकोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय के साथ-साथ केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, सशस्त्र बल अधिकरण तथा राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण के समक्ष भी मामलों में पैरवी की।
अधिवक्ता के रूप में अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों तथा अन्य संस्थानों का प्रतिनिधित्व किया।
संवैधानिक, दीवानी, आपराधिक और सेवा कानून में व्यापक अनुभव
जस्टिस विनीत कुमार माथुर का विधिक अनुभव कई क्षेत्रों में रहा है। उन्होंने संवैधानिक कानून, दीवानी कानून, आपराधिक कानून, नगर निकाय कानून, भू-राजस्व कानून, मध्यस्थता, सेवा कानून और पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े मामलों में पक्षकारों को विधिक सलाह देने के साथ अदालतों में पैरवी की।
इस व्यापक अनुभव के चलते न्यायिक पद पर आने से पहले ही उन्हें विभिन्न क्षेत्रों के कानूनों और न्यायिक प्रक्रियाओं का लंबा व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो चुका था।
प्रशासनिक जज की जिम्मेदारी..
जस्टिस विनीत कुमार माथुर को आने वाले दिनों में राजस्थान हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश के रूप में भी औपचारिक रूप से मनोनीत किए जाना हैं. मुख्य न्यायाधीश की ओर से करीब एक सप्ताह पहले ही प्रशासनिक न्यायाधीश से संबंधित शक्तियां उन्हें सौंपी जा चुकी हैं।
हालांकि, औपचारिक नियुक्ति का आदेश अलग से जारी किया जाना बाकी है।
प्रशासनिक न्यायाधीश के रूप में औपचारिक नियुक्ति होने के साथ ही न्यायिक प्रशासन के साथ-साथ राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की जिम्मेदारी भी उनके पास होगी।
जोधपुर बार एसोसिएशन की क्रिकेट टीम का किया प्रतिनिधित्व
विधिक एवं न्यायिक क्षेत्र के साथ जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खेल गतिविधियों में भी रुचि रही है। उन्होंने जोधपुर बार एसोसिएशन की क्रिकेट टीम का विभिन्न क्रिकेट टूर्नामेंटों में प्रतिनिधित्व किया है।
अब राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति के साथ प्रदेश में विधिक सहायता और विधिक जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों के संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।