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सुबह बार ने उठाई जजों की संख्या बढ़ाने की मांग, दोपहर तक जयपुर के तीन जजों की सिटिंग जोधपुर में तय

Rajasthan HC Lawyers Association Seeks More Judges at Jodhpur Principal Seat, Flags Four Key Issues
राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधित्व के बाद बदली व्यवस्था, 5 अक्टूबर से जोधपुर में बढ़ेगी जजों की उपलब्धता; अध्यक्ष डॉ. दिलीप सिंह उदावत ने मुख्य न्यायाधीश का जताया आभार

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में जजों की संख्या और लंबित न्यायिक कार्य को लेकर अधिवक्ताओं के बीच बढ़ रहे असंतोष के बीच शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया।

सुबह राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल के समक्ष जोधपुर मुख्यपीठ में पर्याप्त संख्या में जजों की स्थायी सिटिंग सुनिश्चित करने की मांग रखी और दोपहर तक जोधपुर में तीन जजों की सिटिंग की व्यवस्था कर दी गई।

एसोसिएशन ने 1 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश को दिए अपने विस्तृत प्रतिनिधित्व में जोधपुर मुख्यपीठ में पर्याप्त संख्या में जजों की स्थायी सिटिंग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।

प्रतिवेदन में मांग कि गयी थी कि जोधपुर मुख्यपीठ में न्यायिक कार्य और लंबित मामलों की संख्या लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है, जबकि यहां केवल 15 जजों की सिटिंग के मुकाबले जयपुर बेंच में 22 जज उपलब्ध हैं।

एसोसिएशन ने इसे देखते हुए न्यायिक कार्यभार, लंबित मामलों और बेंच की आवश्यकता के आधार पर जजों की पर्याप्त एवं स्थायी सिटिंग की मांग की थी।

सुबह मुख्य न्यायाधीश से बात

प्रतिवेदन देने के बाद भी अधिवक्ता लगातार आगामी दशहरा अवकाश से पूर्व जजों की संख्या को लेकर एसोसिएशन पर दबाव बना रहे थे

ऐसे में अध्यक्ष डॉ दीलीपसिंह ने शनिवार सुबह मुख्य न्यायाधीश से फोन पर बात कर बार की मांग रखी.

सुबह मांग, दोपहर तक व्यवस्था में बड़ा बदलाव

बार की ओर से उठाई गई मांग के बाद शनिवार को ही जोधपुर मुख्यपीठ के लिए नई व्यवस्था सामने आई।

नए रोस्टर के अनुसार 5 अक्टूबर 2026 से जयपुर पीठ पर बैठ रहे तीन जजों की सिटिंग जोधपुर मुख्यपीठ में की गई है।

इनमें जस्टिस चन्द्रप्रकाश श्रीमाली, जस्टिस आशुतोष और जस्टिस मनीष शर्मा सहित तीन जज शामिल हैं।

इस व्यवस्था से जोधपुर मुख्यपीठ में मामलों की सुनवाई और न्यायिक कार्य के लिए उपलब्ध न्यायिक क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

बार ने कहा-मुख्य न्यायाधीश का कदम महत्वपूर्ण

राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. दिलीप सिंह उदावत ने जोधपुर मुख्यपीठ के लिए नई व्यवस्था किए जाने पर मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल का आभार जताया है।

उदावत ने कहा कि बार की ओर से लंबे समय से जोधपुर मुख्यपीठ में पर्याप्त संख्या में जजों की सिटिंग का मुद्दा उठाया जा रहा था।

मुख्य न्यायाधीश द्वारा इस दिशा में तत्काल व्यवस्था किए जाने को उन्होंने अधिवक्ताओं और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

प्रतिनिधित्व में जजों की संख्या से लेकर इंटरनेट तक उठे थे मुद्दे

लॉयर्स एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश को दिए पांच पेज के प्रतिनिधित्व में केवल जजों की संख्या का मुद्दा ही नहीं उठाया था।

एसोसिएशन ने इंटरनेट और ई-कोर्ट कनेक्टिविटी की समस्या, दैनिक एवं सप्लीमेंट्री कॉज लिस्ट समय पर तैयार और अपलोड करने तथा वर्किंग सैटरडे को लेकर स्थायी संस्थागत समाधान की भी मांग की थी।

प्रतिनिधित्व में कहा गया था कि इंटरनेट एवं कनेक्टिविटी की समस्या ई-फाइलिंग, ई-कोर्ट सेवाओं, डिजिटल रिकॉर्ड, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य न्यायिक सेवाओं को प्रभावित करती है। एसोसिएशन ने इसके लिए तकनीकी ऑडिट और स्थायी समाधान की मांग भी रखी थी।

अब 5 अक्टूबर से नई व्यवस्था पर नजर

अब 5 अक्टूबर से लागू होने वाली नई सिटिंग व्यवस्था पर अधिवक्ताओं और न्यायिक पक्षकारों की नजर रहेगी।

बार की मांग के बाद जोधपुर मुख्यपीठ में अतिरिक्त जजों की सिटिंग की व्यवस्था से लंबित मामलों की सुनवाई और दैनिक न्यायिक कार्य के संचालन पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा।

एसोसिएशन ने अपने प्रतिनिधित्व के अंत में मुख्य न्यायाधीश के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह न्याय प्रशासन को मजबूत करने के हर प्रयास में सहयोग और रचनात्मक समर्थन जारी रखेगी।

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