जोधपुर। पुलिस की निगेटिव रिपोर्ट के कारण पासपोर्ट जारी नहीं होने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने एक शख्स को राहत दी है
हाईकोर्ट ने पासपोर्ट अथॉरिटी को निर्देश दिया है कि आवेदक की ओर से सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद उसकी पासपोर्ट एप्लीकेशन पर 6 हफ्ते के भीतर कानून के मुताबिक फैसला किया जाए।
जस्टिस मुकेश राजपुरोहित ने कहा कि पासपोर्ट जारी करने का फैसला सभी जरूरी दस्तावेज और आवेदक के स्पष्टीकरण को देखने के बाद लिया जाए। अगर आवेदक पासपोर्ट के लिए पात्र है और जरूरी दस्तावेज जमा करता है, तो पासपोर्ट जारी किया जाए।
मामले में याचिकाकर्ता गंगाराम की ओर से अधिवक्ता दिनेश जैन ने पैरवी की, जबकि केंद्र सरकार की ओर से डिप्टी सॉलिसिटर जनरल श्याम सुंदर पालीवाल ने पक्ष रखा।
पुलिस की निगेटिव रिपोर्ट के बाद पासपोर्ट पर मांगा गया था जवाब
गंगाराम ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। इस दौरान पासपोर्ट ऑफिस को उसके खिलाफ पुलिस की प्रतिकूल रिपोर्ट मिली। इसके आधार पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी, जयपुर ने 21 अप्रैल 2026 को उसे नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था।
गंगाराम ने नोटिस का जवाब दे दिया, लेकिन इसके बाद भी पासपोर्ट जारी नहीं किया गया। इसी को लेकर उसने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
हाईकोर्ट ने कहा- पहले सभी जरूरी दस्तावेज जमा करें
सुनवाई के दौरान गंगाराम के वकील ने कहा कि वह नोटिस का जवाब पहले ही दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर पासपोर्ट अथॉरिटी को उसकी एप्लीकेशन पर फैसला करने का निर्देश दिया जाए तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि गंगाराम ने जवाब के साथ डाक से एनओसी भेजी थी, लेकिन 25 अगस्त 1993 के नियमों के तहत जरूरी अंडरटेकिंग जमा नहीं की थी।
सरकार की ओर से कहा गया कि जरूरी दस्तावेज जमा होने के बाद पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
2 हफ्ते में दस्तावेज लेकर अथॉरिटी के सामने जाना होगा
हाईकोर्ट ने गंगाराम को निर्देश दिया कि वह 2 हफ्ते के भीतर नोटिस में मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज लेकर संबंधित अथॉरिटी के सामने पेश हो।
इसके बाद अथॉरिटी को सभी जरूरी दस्तावेज और हाईकोर्ट के आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने की तारीख से 6 हफ्ते के भीतर पासपोर्ट आवेदन पर फैसला करना होगा।
सभी दस्तावेज जमा करने पर 6 हफ्ते में फैसला
कोर्ट ने निर्देश दिया कि गंगाराम की ओर से सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद पासपोर्ट अथॉरिटी उसकी एप्लीकेशन पर 6 हफ्ते के भीतर कानून के मुताबिक फैसला करे। फैसला कारणों के साथ दिया जाएगा। अगर वह पासपोर्ट के लिए पात्र पाया जाता है, तो पासपोर्ट जारी किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने यह भी साफ किया कि उसने अथॉरिटी को किसी खास तरीके से फैसला करने का निर्देश नहीं दिया है। अथॉरिटी को दस्तावेज और कानून के आधार पर ही फैसला करना होगा। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
