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सुप्रीम कोर्ट को मिले तीन नए जज: जस्टिस सुनीता अग्रवाल, डीके उपाध्याय और अपरेश कुमार सिंह की नियुक्ति को केंद्र की मंजूरी

Centre Notifies Appointment of Justices Sunita Agarwal, DK Upadhyaya & Aparesh Kumar Singh as Supreme Court Judges

जस्टिस सुनीता अग्रवाल की नियुक्ति के साथ सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर तीन हुई; 28 सितंबर को कॉलेजियम ने की थी तीनों नामों की सिफारिश

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को मंजूरी देने के साथ ही राष्ट्रपति भवन से तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति आदेश जारी हो गए हैं.

राष्ट्रपति ने गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है।

एक सप्ताह के भीतर मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर 2026 को तीनों हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने की सिफारिश केंद्र सरकार से की थी।

और 5 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी देते हुए राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति वारंट भी जारी किया जा चुका हैं.

इस तरह कॉलेजियम की सिफारिश के करीब एक सप्ताह के भीतर केंद्र ने तीनों नियुक्तियों को मंजूरी दे दी।

अब केंद्र की मंजूरी और नियुक्ति वारंट के बाद तीनों न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

तीनों न्यायाधीशों की नियुक्ति में खास बात यह भी है कि जस्टिस सुनीता अग्रवाल के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के साथ सुप्रीम कोर्ट में में महिला जजों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।

जस्टिस सुनीता अग्रवाल: इलाहाबाद हाईकोर्ट से शुरू हुआ न्यायिक सफर

जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुख्य रूप से सिविल मामलों में वकालत की।

उन्हें 21 नवंबर 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया था। इसके बाद 6 अगस्त 2013 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।

करीब एक दशक तक इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में सेवाएं देने के बाद उन्हें गुजरात हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

उन्होंने 23 जुलाई 2023 को गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।

अब उनकी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के साथ सुप्रीम कोर्ट में महिला न्यायाधीशों की संख्या तीन हो गई है।

जस्टिस अग्रवाल, मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम द्वारा जस्टिस वी. मोहना के बाद सुप्रीम कोर्ट के लिए सिफारिश कि गई दूसरी महिला न्यायाधीश हैं।

जस्टिस डीके उपाध्याय: इलाहाबाद से बॉम्बे और दिल्ली हाईकोर्ट तक का सफर

जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुख्य रूप से सिविल और संवैधानिक मामलों में वकालत की।

मई 2007 में उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार का Chief Standing Counsel नियुक्त किया गया और हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति तक वे इस पद पर रहे।

उन्होंने 6 अगस्त 2013 को हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।

इसके बाद उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया और उन्होंने 29 जुलाई 2023 को पद की शपथ ली।

बाद में उनका ट्रांसफर दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में किया गया, जहां उन्होंने 21 जनवरी 2025 को शपथ ग्रहण की।

अब नियुक्ति वारंट के बाद जस्टिस उपाध्याय सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में अपनी नई पारी शुरू करेंगे।

जस्टिस अपरेश कुमार सिंह: पटना से झारखंड, त्रिपुरा और तेलंगाना तक

जस्टिस अपरेश कुमार सिंह का लंबा कानूनी और न्यायिक अनुभव रहा है।उन्होंने वर्ष 1990 से 2000 तक पटना हाईकोर्ट में वकालत की।

झारखंड राज्य के गठन के बाद उन्होंने 2001 से झारखंड हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की और जज के रूप में नियुक्ति तक वहीं वकालत करते रहे।

उन्हें 24 जनवरी 2012 को झारखंड हाईकोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया और 16 जनवरी 2014 को स्थायी जज के रूप में पदोन्नत हुए।

जस्टिस सिंह ने 20 दिसंबर 2022 से 19 फरवरी 2023 तक झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी संभाली।

बाद में उन्हें त्रिपुरा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने 17 अप्रैल 2023 को शपथ ली।

इसके बाद उनका ट्रांसफर तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में हुआ और उन्होंने 19 जुलाई 2025 को पद की शपथ ली।

अब उन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया है।

जस्टिस श्री चंद्रशेखर से वरिष्ठता में रहेंगे पीछे

जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की नियुक्ति से जुड़ा एक दिलचस्प पहलू न्यायिक वरिष्ठता का भी है।

जस्टिस श्री चंद्रशेखर, जो झारखंड हाईकोर्ट में जस्टिस सिंह से जूनियर थे, उनसे पहले सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत हो चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट में पहले नियुक्त होने के कारण जस्टिस श्री चंद्रशेखर को जस्टिस अपरेश कुमार सिंह पर वरिष्ठता रहेगी।

तीन हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीशों के एक साथ सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने से शीर्ष अदालत को तीन अनुभवी न्यायाधीश मिलेंगे, जिन्होंने संवैधानिक, सिविल और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी मामलों के साथ-साथ विभिन्न हाईकोर्ट में प्रशासनिक नेतृत्व की जिम्मेदारी भी संभाली है।

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