जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अशोक कुमार जैन आज नेपाल के लॉ स्टूडेंट्स, लॉ रिसर्चर्स, न्यायिक अधिकारियों और कानूनी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को संबोधित करेंगे।
नेपाल के मनमोहन टेक्निकल यूनिवर्सिटी, विराटनगर के स्कूल ऑफ एप्लाइड साइंस, टेक्नोलॉजी एंड लॉ की ओर से इस विशेष गेस्ट लेक्चर का आयोजन किया जा रहा है।
जस्टिस अशोक कुमार जैन का यह विशेष व्याख्यान “भारतीय हाईकोर्ट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक : उभरते रुझान और चुनौतियां” विषय पर होगा।
कार्यक्रम में न्यायिक व्यवस्था में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
ई-कोर्ट से साइबर क्राइम तक, इन मुद्दों पर होगी चर्चा
कार्यक्रम में ई-कोर्ट्स एवं डिजिटल केस मैनेजमेंट, AI आधारित लीगल रिसर्च एवं एनालिसिस, वर्चुअल हियरिंग एवं टेली-जस्टिस तथा साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन प्रोटोकॉल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
यह गेस्ट लेक्चर 7 अक्टूबर 2026 को शाम 7:30 बजे आयोजित किया जा रहा है। इसमें नेपाल के कानून के विद्यार्थी, शोधार्थी, न्यायिक अधिकारी और कानूनी क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
पिछले 10 माह में दो दर्जन से अधिक विशेष व्याख्यान
जस्टिस अशोक कुमार जैन पिछले करीब 10 महीनों में देश के अलग-अलग लॉ कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और संस्थानों में आयोजित दो दर्जन से अधिक ऑनलाइन और ऑफलाइन विशेष सत्रों को संबोधित कर चुके हैं।
राजस्थान से बाहर स्थित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कानून के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए आयोजित इन सत्रों में न्यायिक व्यवस्था, कानूनी शिक्षा, तकनीक और बदलते कानूनी परिदृश्य से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई है।
अब नेपाल में होने वाला यह व्याख्यान भी इसी सिलसिले की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
NALSA के सदस्य सचिव रहते देशभर में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
जस्टिस अशोक कुमार जैन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के सदस्य सचिव के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
इस दौरान देशभर में चलाए गए विभिन्न विधिक सेवा और कानूनी जागरूकता अभियानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
NALSA में उनके कार्यकाल के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में विधिक जागरूकता और कानूनी सहायता से जुड़े अभियानों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया गया।
इसके बाद भी वे कानूनी शिक्षा और न्यायिक विषयों से जुड़े कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय रहे हैं।
लॉ कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लगातार बढ़ी डिमांड
न्यायिक और विधिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव के चलते देशभर के लॉ कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में उनके विशेष व्याख्यानों की मांग लगातार बनी हुई है।
कानून के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के बीच न्यायिक प्रक्रिया के व्यावहारिक पहलुओं को समझने के लिए ऐसे संवाद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
नेपाल में आज होने वाले व्याख्यान में AI और न्यायिक तकनीक पर विशेष फोकस रहेगा।
बदलते डिजिटल दौर में अदालतों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल केस मैनेजमेंट और वर्चुअल सुनवाई जैसी व्यवस्थाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह विषय कानून के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए खास महत्व रखता है।
भारतीय न्यायिक व्यवस्था के अनुभव साझा करेंगे
जस्टिस अशोक कुमार जैन इस दौरान भारतीय हाईकोर्ट्स में तकनीक के इस्तेमाल, उसके उभरते स्वरूप और सामने आने वाली चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा करेंगे।
साथ ही डिजिटल न्यायिक व्यवस्था के साथ कानून के विद्यार्थियों और भविष्य के कानूनी पेशेवरों की भूमिका पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
नेपाल के शैक्षणिक संस्थान में आयोजित यह सत्र भारत और नेपाल के कानून के विद्यार्थियों एवं कानूनी अकादमिक जगत के बीच ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान की दिशा में भी महत्वपूर्ण अवसर होगा।