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कानून केवल नियमों या विधियों का अध्ययन नहीं है, बल्कि संवेदना और निष्पक्षता के साथ न्याय सुनिश्चित करने का माध्यम -जस्टिस माहेश्वरी

जयपुर, 4 सितंबर।

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस जे के माहेश्वरी ने कहा हैं कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं देश के युवा लॉ स्टूडेंट में वकालत के कौशल, तार्किक विश्लेषण और न्यायिक नैतिकता को विकसित करती हैं.

कानून केवल नियमों या विधियों का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह संवेदना और निष्पक्षता के साथ न्याय सुनिश्चित करने का माध्यम है.

जस्टिस जे के माहेश्वरी रांका चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित 13 वीं मूट कोर्ट प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे.

6 और 7 सितंबर को आयोजित होने वाली इस दो दिवसीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह राजस्थान विश्वविद्यालय के मानविकी हॉल में आयोजित हुआ.

समारोह को संबोधित करते हुए जस्टिस माहेश्वरी ने लॉ स्टूडेंट से संविधान में निहित समानता, ईमानदारी और न्याय जैसे मूल्यों को अपने पेशे में आत्मसात करने का आहवान किया.

जरूरतमंद लोगो की मदद

समारोह के विशिष्ट अतिथी और राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस पुष्पेन्द्रसिंह भाटी ने अपने संबोधन में लॉ स्टूडेंट से अधिक से अधिक मूट कोर्ट सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने का आहवान किया.

जस्टिस भाटी ने कहा कि वकालात एक ऐसा प्रोफेशन हैं जिसमें आप जरूरतमंद लोगो कि अधिक से अधिक मदद कर सकते हैं और इसके लिए आपका रेगुलर अपडेट रहना जरूरी हैं. उन्होने लॉ स्टूडेंट से कहा कि वर्तमान में बढते कम्पीटीशन के बीच युवाओं को इस तरह की प्रतियोगिताओं में शामिल होकर अपना स्कील बढाना चाहिए.

समारोह राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च शिक्षा कुलदीप रांका, आरयू की पुलपति प्रोफेसर अल्पना कटेजा, रांका चैरिटेबल ट्रस्ट के उपाध्यक्ष जस्टिस जे के रांका और सचिव सिद्धार्थ रांका ने भी संबोधित किया.

समापन कल, जस्टिस एस पी शर्मा होंगे मुख्य अतिथी

13 वी रांका मूट कोर्ट प्रतियोगिता का सेमी फाइनल और फाइनल रविवार शाम 4 बजे तक आयोजित होगा.

प्रतियोगिता के समापन के पश्चात समापन समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विजेता टीमों को सम्मानित किया जाएगा.

राजस्थान हाईकोर्ट के सीनियर मोस्ट जज जस्टिस एस पी शर्मा समारोह के मुख्य अतिथी होंगे. साथ ही
पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अशोक गौड़ होंगे.

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