हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव की निगरानी में राज्य के अलग-अलग विभागों की संयुक्त कमेटी के गठन का आदेश दिया है, जो 8 दिसंबर को पहली रिपोर्ट पेश करेगी।
जयपुर, 29 नवंबर
प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे Cyber Crime के मामलों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने चिंता जताते हुए राज्य सरकार, राज्य के शिक्षा विभाग और गृह विभाग को विस्तृत आदेश जारी कर कई दिशा-निर्देश दिए हैं।
जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने Cyber Crime के आरोपी जावेद की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि देश में Cyber Crime अब बड़े सामाजिक संकट का रूप ले चुका है और इनसे सबसे अधिक प्रभावित 16 से 27 वर्ष की आयु वर्ग है।
हाईकोर्ट ने कहा कि Cyber Crime अपनी प्रकृति से ही पारंपरिक सीमाओं और भौगोलिक दूरी को पार कर चुका है।
हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि स्मार्टफोन, हाई-स्पीड इंटरनेट और सोशल मीडिया के बेरोकटोक उपयोग ने युवाओं को न केवल Crime का शिकार बनाया है, बल्कि कई मामलों में अनजाने में अपराधी भी बना दिया है।
हाईकोर्ट ने इसे “डिजिटल अज्ञानता और सोशल मॉनिटरिंग के अभाव” का परिणाम बताया है।
गौरतलब है कि Cyber Crime से जुड़े मामलों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की अलग-अलग पीठ पिछले 1 माह में कई बड़े फैसले दे चुकी है।
पेश किए चौंकाने वाले आंकड़े
हाईकोर्ट ने राजस्थान पुलिस द्वारा 1 जनवरी 2025 – 31 अक्टूबर 2025 तक पेश किए गए आंकड़ों पर हैरानी जताते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में साइबर अपराधों की भयावह और तेजी से बढ़ती संख्या अब एक बड़े सामाजिक संकट का रूप ले रही है।
कोर्ट ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि अपराधियों और पीड़ितों—दोनों में ही बड़ी संख्या 16 से 27 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की है।
पुलिस के अनुसार 1930/NCRP पोर्टल पर वर्ष 2024 में कुल 1,02,447 साइबर शिकायतें मिली हैं।
रिकॉर्ड के अनुसार इन शिकायतों में कुल 795 करोड़ रुपये का फ्रॉड किया गया है।
पुलिस के प्रयासों से इन मामलों में कुल 104.67 करोड़ रुपये बचाए गए हैं, जिसमें होल्ड, लियन, रिफंड शामिल हैं।
10 माह में 1 लाख शिकायतें
वर्ष 2025 के 10 माह में 1 जनवरी से 31 अक्टूबर तक कुल 114520 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
जिनमें कुल 678 करोड़ रुपये के फ्रॉड की शिकायतें की गई हैं।
पुलिस ने इसमें से 143.36 करोड़ रुपये बचाने का दावा किया है।
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Cyber Crime के आरोपी कहते हैं “Bail is a rule”
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि कोर्ट के समक्ष आने वाले अधिकांश Cyber Crime के आरोपी युवा होते हैं और अधिकांश जमानत प्रार्थनापत्रों में मुख्य तर्क यही होता है कि “जमानत नियम है”।
कोर्ट ने अपने समक्ष आए जमानत याचिकाओं का ब्यौरा रखते हुए कहा कि आरोपी जमानत के अधिकार के नियम का उपयोग करते हैं।
गृह सचिव भास्कर ए. सावंत हुए कोर्ट में पेश
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव विष्णु मोहन और गृह विभाग के एसीएस भास्कर सावंत कोर्ट में पेश हुए।
शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव विष्णु मोहन ने अदालत को बताया कि प्रदेश के स्कूलों में “नो-स्टडी शनिवार” कार्यक्रमों में साइबर सुरक्षा पर गतिविधियाँ कराई जा रही हैं।
वहीं एसीएस गृह भास्कर सावंत ने बताया कि पुलिस विभाग सेमिनार, साइबर ड्राइव, जागरूकता अभियान सहित कई कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
दोनों सचिवों ने Cyber Crime को लेकर अपने-अपने विभागों द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी।
हाईकोर्ट ने शिक्षा और गृह विभाग के प्रयासों को अव्यवस्थित बताते हुए एक विस्तृत मॉडल तैयार करने का आदेश दिया है
हाईकोर्ट का आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने Cyber Crime के मामलों से युवाओं को बचाने के लिए Cyber Crime के खिलाफ एक समन्वित रणनीति तैयार करने के लिए छह महत्वपूर्ण आदेश दिए हैं।
संयुक्त समिति का गठन
हाईकोर्ट ने राज्य के शिक्षा विभाग, गृह विभाग (साइबर सेल), DoITC, सामाजिक न्याय विभाग आदि को मिलाकर एक संयुक्त समिति बनाने का आदेश दिया है।
यह कमेटी राजस्थान में बढ़ते साइबर अपराधों के पैटर्न, कारणों और रोकथाम उपायों पर एक विस्तृत White Paper तैयार करेगी।
Cyber जागरूकता कार्यक्रम
हाईकोर्ट ने राज्य के सभी स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में एक समान “साइबर जागरूकता मॉड्यूल” लागू करने का आदेश दिया है।
इस मॉड्यूल में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल एथिक्स, साइबर अपराध के कानूनी परिणाम और अभिभावकों के लिए काउंसलिंग और जानकारी देना शामिल होगा।
इसके तहत डिजिटल एथिक्स, सुरक्षित इंटरनेट, साइबर अपराध के परिणाम, आयु वर्ग के अनुसार सामग्री तैयार करना, त्रैमासिक जागरूकता सत्र आयोजित करना शामिल होगा।
पुलिस Cyber Cell से तालमेल
हाईकोर्ट ने राज्य के शिक्षा विभाग को आदेश दिया है कि वह पुलिस की साइबर यूनिट से प्राप्त केस स्टडी और डेटा को अपने प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल करे।
शिक्षकों और स्टाफ की ट्रेनिंग
हाईकोर्ट ने राज्य के शिक्षकों, काउंसलरों और स्कूल प्रशासन को साइबर अपराधों की पहचान और रोकथाम के लिए विशेष प्रशिक्षण देने के लिए कार्यक्रम तैयार करने के आदेश दिए हैं।
8 दिसंबर तक रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने राज्य के अलग-अलग विभागों की संयुक्त कमेटी को आदेश दिया है कि वह आगामी 8 दिसंबर तक अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे।
मुख्य सचिव की निगरानी
राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने आदेश में राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे सभी विभागों के कार्यों का समन्वय कर अगली सुनवाई तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करें।
एसपी को कोर्ट में पेश होने के आदेश
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने आरोपी याचिकाकर्ता जावेद की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस जांच की धीमी गति पर सख्त नाराजगी जताई है।
कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक को अगली सुनवाई पर पेश होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने पूछा है कि इस मामले में नोटिस क्यों नहीं जारी हुए और mule accounts की पहचान में देरी क्यों हो रही है।