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“न्यू क्रिमिनल लॉज” पर सीकर के सोभासरिया स्कूल ऑफ लॉ में विशेष सत्र का आयोजन, 11 अक्टूबर को जयपुर में होगा आयोजन

जयपुर, 11 सितंबर।

देश में लागू हुए नए अपराधिक कानूनों की जटिलता और चुनौतियों के विषय पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला “नेशनल वर्कशॉप ऑन न्यू क्रिमिनल लॉज़” की तैयारियां शुरू हो गयी हैं.

राजधानी जयपुर में 11 अक्टूबर को आयोजित होने वाली इस कार्यशाला के लिए प्रदेशभर के लॉ कॉलेज में सेमीनार आयोजित किए जा रहे हैं.

गुरूवार को भी सीकर के सोभासरिया स्कूल ऑफ लॉ में “न्यू क्रिमिनल लॉज” विषय पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया.

इस सत्र में लीगल एजुकेशन संस्थान प्रतिनिधि एडवोकेट दीक्षा यादव, एडवोकेट रूपाली चौहान, विधि छात्रा उमेरा सैयद, रोहन जांगिड़ और वोरेश सीरवी की टीम ने नए आपराधिक कानूनों की विस्तारपूर्वक व्याख्या की तथा पुराने कानूनों में किए गए संशोधनों और उनके व्यावहारिक प्रभावों पर प्रकाश डाला।

सत्र को ग्रुप प्राचार्य डॉ. एल. सोलंकी ने भी संबोधित किया उन्होने इस तरह की कार्यशालाओं को विधिछात्रों के लिए एक बेहतर मंच बताया.

सत्र को सोभासरिया स्कूल ऑफ लॉ के ग्रुप रजिस्ट्रार प्रदीप शर्मा, सोभासरिया कॉलेज प्राचार्या डॉ. हर्षिता गर्ग, लॉ कॉलेज वाइस प्रिंसिपल डॉ. रुचि शर्मा ने भी संबोधित किया.

बेहतरीन सत्र के लिए जहां डॉ रूचि शर्मा ने लीगल टीम का आभार जताया वही लीगल टीम की ओर से भी 11 अक्टूबर कि नेशनल कॉन्फ्रेंस में सोभासरिया स्कूल ऑफ लॉ के विद्यार्थियों एवं फैकल्टी सदस्यों को सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया.

डॉ. आर. वेंकटा राव होंगे मुख्य वक्ता

गौरतलब हैं ​कि लीगल एजुकेशन संस्थान के तत्वावधान में 11 अक्टूबर को जयपुर में आयोजित होने वाली “नेशनल वर्कशॉप ऑन न्यू क्रिमिनल लॉज़” के मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ. आर. वेंकटा राव होंंगे.

डॉ राव इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च गोवा के संस्थापक कुलपति हैं. यह विश्वविद्यालय बार काउंसिल ऑफ इंडिया ट्रस्ट (पर्ल फर्स्ट) द्वारा 2022 में स्थापित किया गया था.

डॉ. राव पूर्व में NLSIU बेंगलुरु के कुलपति रह चुके हैं और उन्हें 45 वर्षों का शिक्षण एवं अनुसंधान का अनुभव है

कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य देश में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, व्याख्या और व्यवहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करना है.

साथ ही पुराने और नए विधानों के बीच के अंतर्संबंधों, न्यायिक परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और व्यावसायिक अधिवक्ताओं के लिए यह कार्यशाला अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी.

कार्यशाला में लॉ स्टूडेंट, हाल ही ग्रेज्यूएट हुए लॉ स्टूडेंट, न्यायिक सेवा की तैयारी कर रहे लॉ स्टूडेंट, अधिवक्ता, कानूनी पेशेवर,शिक्षाविद् एवं प्रोफेसरगण, कानूनी शोधार्थी एवं रिसर्च स्कॉलर्स इसमें शामिल हो सकते हैं.

कार्यशाला में भाग लेने के लिए इस लिंक पर क्लीक कर सकते हैं.

https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeS0p9LifXjZY-6XbxAfQ-GNrO_OmsBAYeGv9l8Ei5ugFM1-A/viewform

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