टॉप स्टोरी

चर्चित खबरें

फूड पॉइजनिंग से मौत को आत्महत्या बताकर क्लेम खारिज, हाईकोर्ट ने Kotak Mahindra Life Insurance Company से किया जवाब तलब

जयपुर, 28 सितंबर

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक मामले में बीमा क्लेम राशि न देने पर Kotak Mahindra Life Insurance Company को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

Justice Sameer Jain की एकलपीठ ने कम्पनी से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं।

मामला याचिकाकर्ता विद्या शर्मा से जुड़ा है, जिन्होंने आरोप लगाया कि कम्पनी ने उनके पति की 10 लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी का दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि मृत्यु आत्महत्या से हुई है।

रालसा के पैनल अधिवक्ता के जरिए याचिकाकर्ता ने इस मामले में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से लीगल सहायता मांगी थी।

प्राधिकरण ने पैनल अधिवक्ता हितेष बागड़ी के जरिए मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हितेष बागड़ी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता के पति की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उन्हें सात दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा।

अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु का कारण फूड पॉइजनिंग था।

इसके बावजूद Kotak Mahindra Life Insurance Company ने दावा इस आधार पर खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता के पति की मृत्यु आत्महत्या की वजह से हुई है। इसी आधार पर कम्पनी ने बीमा राशि देने से इंकार कर दिया।

कंपनी का दावा

याचिकाकर्ता के पति की मृत्यु फूड पॉइजनिंग अधिक होने से हुई, लेकिन Kotak Mahindra Life Insurance Company ने यह कहते हुए बीमा राशि देने से मना कर दिया कि उनकी मृत्यु “गोल्ड पॉलिस” खाने से हुई है।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि इससे पहले लोक अदालत ने भी बीमा कम्पनी के पक्ष में आदेश दिया था।

जिसके खिलाफ पीड़िता ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

हाईकोर्ट ने प्राथमिक सुनवाई के बाद कम्पनी को नोटिस जारी कर स्पष्ट किया कि वह इस संबंध में तीन सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करे।

सबसे अधिक लोकप्रिय