जयपुर, 12 अक्टूबर।
Supreme Court के न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह रविवार को एक दिवसीय जयपुर दौरे पर रहे।
इस दौरान उन्होंने राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से “Strategizing and Monitoring, Outreach & Awareness at the Grassroots Level” विषय पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में भाग लिया।

विधिक सेवा मार्ग स्थित राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के राज्य कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में रालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े जयपुर के वरिष्ठ अधिकारी और सचिव शामिल हुए।
स्थानीय लोगों से संपर्क जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने प्रदेश में विधिक सेवा के प्रचार-प्रसार पर जोर देने की बात कही।
उन्होंने विधिक सेवा अधिकारियों से कहा कि विधिक सेवक के रूप में हमारा कर्तव्य है कि समाज के वंचित और जरूरतमंद लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी प्रदान करें और उन्हें उन्हें हासिल करने में विधिक सहायता पहुँचाएँ।

जस्टिस अमानुल्लाह ने कहा कि विधिक सेवा को आम लोगों तक पहुँचाने और उसकी पहुंच आसान बनाने के लिए अधिकारियों को स्थानीय लोगों और समुदायों से जुड़ना होगा।
महिला चौपाल से विधिक सेवा
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला चौपाल के जरिए महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी जानी चाहिए और उन्हें आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए पैरा लीगल वॉलंटियर्स की ड्यूटी लगाने और उन्हें प्रोत्साहित करने का भी आह्वान किया।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एवं रालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह का स्वागत किया और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।