नई दिल्ली, 6 नवंबर
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज Justice Vijay Bishnoi ने कहा कि देश में आर्बिट्रेशन और मीडिएशन अब युवा अधिवक्ताओं और लॉ स्टूडेंट्स के लिए एक बेहतर भविष्य के रूप में उभर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन दोनों क्षेत्रों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर खुलने वाले हैं।
Justice Vijay Bishnoi नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित स्कोप कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एसोसिएशन फॉर इंडिया इंटरनेशनल मीडिएशन एंड आर्बिट्रेशन सर्विसेज (AIIMAS) के पाँचवें स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “मीडिएशन और आर्बिट्रेशन आज न्यायिक प्रणाली के महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुके हैं.
युवा वकीलों और कानून के विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में अपनी भूमिका बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि आने वाले वर्षों में विवादों के समाधान की दिशा यहीं से तय होगी।”

न्याय व्यवस्था का सशक्त माध्यम
Justice Vijay Bishnoi ने कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर मीडिएशन और आर्बिट्रेशन का केंद्र बन रहा है, और इसके लिए AIIMAS जैसी संस्थाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

“AIIMAS जैसी संस्थाएं न केवल विवाद समाधान की संस्कृति को बढ़ावा दे रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के वकीलों को भी न्याय के वैकल्पिक रास्तों की ओर प्रेरित कर रही हैं।”
Justice Vijay Bishnoi ने कहा कि भारत की न्याय प्रणाली में मीडिएशन और आर्बिट्रेशन अब पूरक नहीं, बल्कि आवश्यक अंग बन चुके हैं।
युवा अधिवक्ताओं और लॉ स्टूडेंट्स के लिए यह क्षेत्र न केवल करियर का नया मार्ग है, बल्कि न्याय व्यवस्था में सेवा का एक सशक्त माध्यम भी है।
पाँचवां स्थापना दिवस समारोह
AIIMAS हर वर्ष 5 नवंबर को अपना स्थापना दिवस मनाता है।
इस वर्ष समारोह “Honoring the Path-Breakers of Mediation” थीम पर आयोजित किया गया।
स्थापना दिवस पर देशभर से न्यायिक क्षेत्र की नामी हस्तियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और मध्यस्थों को सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह
समारोह में देशभर की 25 प्रतिष्ठित हस्तियों को मीडिएशन और आर्बिट्रेशन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह में देश के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस नीना बंसल, जस्टिस स्वरना कांत शर्मा, गुजरात हाईकोर्ट के जज जस्टिस एस. वी. पिंटो, आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल के चेयरमैन जस्टिस राजेन्द्र मेनन, एनसीडीआरसी सदस्य जस्टिस सुधीर कुमार जैन और कई अन्य वरिष्ठ न्यायविद उपस्थित रहे।
जस्टिस शालिंदर कौर, वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीराम पंचू, अमरजीत सिंह चांधीओक, प्रदीप राय, लैला ओलपल्ली, अनिल जे. जेवियर, सुशीला सारथी, वीना रल्ली, और प्रो. (डॉ.) योगेश प्रताप सिंह (कुलपति, NLU त्रिपुरा) सहित कई प्रमुख नाम सम्मान पाने वालों में शामिल रहे.
Justice Vijay Bishnoi ने इन सभी को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
समारोह में जस्टिस मदन बी. लोकर, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी सहित कई हस्तियों के प्रतिनिधियों को उनकी अनुपस्थिती में सम्मान सौंपा गया।