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Bar Election 2025: थिएटर से कोर्टरूम तक -बार चुनाव में संभवतया सबसे युवा प्रत्याशी हिमांशी मीणा

From Theatre to Courtroom: Himanshi Meena Becomes the Youngest Candidate in Rajasthan High Court Bar Elections

जयपुर, 8 नवंबर

Rajasthan Highcourt जयपुर बार एसोसिएशन के चुनाव प्रभारी घोषित होने के साथ ही चुनाव का आगाज हो चुका हैं.

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, महासचिव सहित अन्य पदों और कार्यकारिणी सदस्यों के आगामी 12 दिसंबर को चुनाव होंगे. जैसे तारीख करीब आ रही है, जयपुर बार परिसर में चुनावी सरगर्मियां तेज़ होती जा रही हैं.

राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बार एसोसिएशन RHBA के चुनावी माहौल में इस बार एक युवा महिला एडवोकेट हिमांशी मीणा का नाम भी चर्चा में हैं.

हिमांशी मीणा संभवतया पिछले कई सालों में बार के चुनावों की सबसे यंग एडवोकेट भी हैं.

थिएटर से वकालत तक का सफर

कभी थिएटर आर्टिस्ट के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाली हिमांशी अब ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के लिए चुनावी मैदान में हैं और उन्हें बार के इतिहास की सबसे युवा प्रत्याशी माना जा रहा है.

कला और अभिव्यक्ति की दुनिया से निकलकर उन्होंने कानून की गंभीर गलियों में अपनी जगह बनाई।

अपने सफर के बारे में बात करते हुए हिमांशी कहती है कि पहले उन्हे बहुत डर लगता था कि वकालात का पेशा क्या उन्हे अपना पाएगा या नहीं.

Advocate Himanshi Meena — once a theatre artist, now contesting as the youngest candidate for Joint Secretary in the Rajasthan High Court Jaipur
Advocate Himanshi Meena — once a theatre artist, now contesting as the youngest candidate for Joint Secretary in the Rajasthan High Court Jaipur

हिमांशी बताती हैं, “शुरुआत में मुझे डर था कि वकालत जैसे प्रोफेशन में मैं खुद को साबित कर पाऊंगी या नहीं, लेकिन आज पीछे मुड़कर देखती हूं तो यह सफर बेहद रोमांचक लगता है। इस पेशे ने मुझे पहचान दी, आत्मविश्वास दिया और दूसरों के लिए कुछ करने की प्रेरणा भी।”

हिमांशी मीणा कहती हैं लेकिन उनका सफर बेहद दिलचस्प रहा हैं.

युवा चेहरा और सहयोग

बार एसोसिएशन के चुनावों में अब तक कई युवा अधिवक्ता हिमांशी से पहले भी चुनाव ​​जीत चुके हैं.

लेकिन हिमांशी मीणा खुद को इसलिए ज्यादा खुशनसीब मानती है कि उन्हे 6 साल की वकालात में ही अपने सहयोगियों का बेहतर सहयोग मिला हैं.

वह कहती हैं, “एक यंग एडवोकेट के रूप में चुनाव लड़ना मेरे लिए नया अनुभव है। सीनियर एडवोकेट्स का जो स्नेह और सहयोग मिल रहा है, उससे आत्मविश्वास और भी बढ़ता जा रहा है।”

जोश, जुनून और जिम्मेदारी

पहली बार चुनावी मैदान में उतरने के बावजूद हिमांशी का आत्मविश्वास काबिले-तारीफ है.

वह चाहती हैं कि युवा अधिवक्ताओं की आवाज़ भी बार एसोसिएशन के निर्णयों में उतनी ही मजबूत हो जितनी वरिष्ठों की होती है.

ऐसा नही हैं कि युवा अधिवक्ताओं की कमजोर है लेकिन वह चाहती हैं कि बार जिस तरह से महिला एडवोकेट का सपोर्ट कर रहा है उससे उसे भी नई उम्मीद मिली हैं.

उनका कहना है कि “बार एसोसिएशन में युवा ऊर्जा और अनुभवी सोच का संतुलन जरूरी है। मैं चाहती हूं कि हमारी संस्था न केवल अधिवक्ताओं के अधिकारों के लिए बल्कि समाज में न्याय की पहुंच को और मजबूत बनाने के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाए।”

परिणाम चाहे जो भी रहे, हिमांशी मीणा का यह चुनावी सफर सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है — उन सभी युवाओं के लिए जो अपने सपनों को लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं, चाहे रास्ता कितना भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हो।

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