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खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती का रास्ता साफ, Rajasthan Highcourt की खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश पर लगाई रोक

Rajasthan High Court Restores FSO Recruitment Process, Quashes Single Bench Order on Training Requirement

कोर्ट ने कहा प्रशिक्षण चयन से पहले आवश्यक नहीं है और चयनित अभ्यर्थियों को यह प्रशिक्षण प्रोबेशन अवधि के दौरान दिया जाएगा.

जोधपुर, 20 नवंबर

FSO Recruitment 2022 : Rajasthan Highcourt जोधपुर मुख्यपीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO Recruitment 2022) भर्ती–2022 की चयन प्रक्रिया का रास्ता साफ कर दिया हैं.

खंडपीठ ने गुरूवार को दिए अपने फैसले में एकलपीठ के आदेश को रद्द करते हुए इस भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह वैध ठहराया हैं.

खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि एफएसओ के लिए आवश्यक प्रशिक्षण चयन से पूर्व अनिवार्य नहीं, बल्कि चयन के बाद और नियुक्ति से पहले दिलाया जाना ही कानून के अनुरूप है.

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस अनुरूप सिंघी की खंडपीठ ने कुलदीप सिंह सहित अन्य अपीलकर्ताओं की एक साथ सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया.

दर्जनो याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट की एकलपीठ के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 21 अक्टूबर 2022 को जारी किए गए विज्ञापन के महत्वपूर्ण नोट को अवैध करार दिया था।.

इस नोट में स्पष्ट किया गया था कि प्रशिक्षण चयन से पहले आवश्यक नहीं है और चयनित अभ्यर्थियों को यह प्रशिक्षण प्रोबेशन अवधि के दौरान दिया जाएगा.

प्रशिक्षण नियुक्ति से पहले अनिवार्य, चयन से पहले नहीं

खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 37 तथा फूड सेफ्टी रूल्स, 2011 के नियम 2.1.3 का स्पष्ट अर्थ यही है कि आवश्यक प्रशिक्षण नियुक्ति आदेश जारी होने से पहले तक पूरा होना चाहिए, न कि चयन के समय.

Rajasthan Highcourt ने कहा कि इसलिए राज्य सरकार द्वारा चयन के बाद प्रशिक्षण कराने की व्यवस्था पूरी तरह विधि-सम्मत है।

Highcourt ने यह भी रेखांकित किया कि FSSAI द्वारा निर्धारित यह प्रशिक्षण एक प्रारंभिक और विशेष प्रशिक्षण है, जिसे केवल चयनित अभ्यर्थियों को ही दिया जा सकता है.

Highcourt ने कहा कि यह सामान्य प्रशिक्षण नहीं है, बल्कि FSSAI द्वारा अधिसूचित संस्थानों और पाठ्यक्रमों के माध्यम से ही संचालित होता है।

पूर्व में चयन के बाद मिला प्रशिक्षण

खंडपीठ ने कहा कि कई याचिकाकर्ता स्वयं अतीत में एफएसओ के पद पर चयनित हो चुके हैं और उन्होंने भी चयन के बाद ही प्रशिक्षण प्राप्त किया था। ऐसे में अब इस प्रक्रिया को चुनौती देना तर्कसंगत नहीं है।

चयन प्रक्रिया पूर्णतः वैध घोषित

Highcourt ने यह स्पष्ट किया कि विज्ञापन में दिया गया नोट केवल चयन प्रक्रिया का स्पष्टीकरण भर है, यह किसी भी स्थिति में अभ्यर्थियों की योग्यता में बदलाव नहीं करता।

Highcourt ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) और राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई पूरी चयन प्रक्रिया को वैध और विधिक मानकों के अनुरूप घोषित कर दिया गया है।

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