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करोड़ों की सरकारी जमीन आवंटन घोटाले में RAS अरूण प्रकाश शर्मा को Highcourt से बड़ा झटका, याचिका खारिज

High Court Rejects RAS Officer’s Plea in Land Scam

जोधपुर, 21 नवंबर

करोड़ों रुपए मूल्य की सरकारी जमीन को अवैध तरीके से बेचने और आवंटित करने के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे RAS अधिकारी अरुण प्रकाश शर्मा को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है.

हाईकोर्ट ने RAS अधिकारी की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि मामले की मौजूदा स्थिति में किसी भी प्रकार का न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं है.

हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड और उपलब्ध तथ्य आरोपी अधिकारी की भूमिका को संदिग्ध सिद्ध करते हैं.

कोर्ट ने माना कि चाक नंबर 9 NLD की कुल 22 बीघा जमीन (15 बीघा कमांड व 7 बीघा अनकमांड) के अवैध आवंटन पर आरोपी अधिकारी के हस्ताक्षर पाए गए हैं.

कमेटी को बाईपास कर किया गया आवंटन

कोर्ट ने पाया कि यह आवंटन बिना एलॉटमेंट एडवाइजरी कमेटी की फाइल प्रस्तुत किए किया गया.

इतना ही नहीं, कमेटी की बैठक के बाद नोटशीट को बाद में तैयार किया गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। कोर्ट ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए कहा कि इस तरह खुद नोटशीट तैयार करना अधिकारियों की भूमिका को संदिग्ध बनाता है।

धारा 17(A) के तर्क खारिज, FIR पर रोक नहीं

याचिकाकर्ता की ओर से आगे यह दलील दी गई कि Prevention of Corruption Act, 1988 की धारा 17(A) के तहत पूर्व स्वीकृति के बिना जांच नहीं की जा सकती.

लेकिन हाईकोर्ट ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा कि धारा 17(A) FIR दर्ज करने पर कोई रोक नहीं लगाती.

यह प्रावधान केवल जांच शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारी से स्वीकृति लेने की बात करता है, FIR दर्ज करने को इससे रोक नहीं मिलती।

कोर्ट ने कहा कि जब FIR दर्ज करने के स्तर पर कोई कानूनी बाधा नहीं है और तथ्य आरोपी की संदिग्ध भूमिका की ओर संकेत कर रहे हैं, तब याचिका स्वीकार करने का कोई आधार नहीं बनता। इसी कारण कोर्ट ने याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा प्रकरण बीकानेर में इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे स्थित करीब 671 एकड़ सरकारी जमीन से जुड़ा है, जिसकी कीमत अरबों में आंकी गई है.

यह जमीन सीलिंग के बाद राज्य सरकार के कब्जे में आनी थी, लेकिन आरोप है कि भू-माफियाओं और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से इस जमीन को गैरकानूनी तरीके से 90A करवाकर बेचा गया.

इसी मामले में एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने RAS अधिकारी अरुण प्रकाश शर्मा के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है और जयपुर सहित कई स्थानों पर सर्च भी कर चुकी है.

जांच एजेंसी अधिकारी के लेन-देन, फाइल मूवमेंट और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच जारी रखे हुए है.

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