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Law Commission of India में मनाया गया संविधान दिवस, प्रस्तावना का सामूहिक वाचन और संवैधानिक मूल्यों पर हुई चर्चा

Constitution Day 2025: Law Commission of India Celebrates 76th Constitution Day with Dignity; Justice Dinesh Maheshwari Highlights the Strength of Indian Constitution

नई दिल्ली, 27 नवंबर

76वें संविधान दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित Law Commission of India के मुख्यालय में संविधान दिवस समारोह बड़े सम्मान और गरिमा के साथ मनाया गया।

Law Commission of India के चेयरमैन जस्टिस दिनेश माहेश्वरी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुए इस संविधान दिवस समारोह में आयोग के अधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया।

प्रस्तावना (Preamble) का सामूहिक वाचन

समारोह की शुरुआत आयोग चेयरमैन द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) के सामूहिक वाचन से हुई।

पूरे सभागार ने एक स्वर में प्रस्तावना दोहराई, जिससे समारोह में संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान और एकता का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

प्रस्तावना वाचन के बाद चेयरमैन जस्टिस दिनेश माहेश्वरी ने Fraternity (बंधुत्व) की अवधारणा पर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने कहा कि बंधुत्व भारतीय संविधान की आत्मा है, जो नागरिकों के बीच समानता, सहयोग और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करता है।

उन्होंने कहा—

“भारतीय संविधान दुनिया का सबसे विशिष्ट और व्यापक संविधान है। यह न सिर्फ़ विविधता में एकता का प्रतीक है, बल्कि देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। हमें इस पर गर्व है कि हमारा संविधान अलग–अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं को एक धागे में पिरोकर एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखता है।”

उन्होंने आगे कहा कि संविधान की ताकत उसकी समावेशी सोच, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की रक्षा में निहित है। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए संविधान की आत्मा और उसके मूल्यों को सदैव सर्वोपरि रखें.

महिला अधिकारों पर चर्चा

संविधान दिवस पर आयोजित हुए इस समारोह में महिला अधिकारों को लेकर संगोष्ठी के रूप में चर्चा कि गयी.

समारोह को आयोग की सदस्य सचिव डॉ. अंजू राठी राणा ने संबोधित करते हुए अधिकारों और कर्तव्यों पर चर्चा की।

उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज संविधान केवल अधिकारों की रक्षा नहीं करता, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने का मजबूत आधार भी प्रदान करता है।

उन्होंने बताया कि मौलिक अधिकार, समानता का अधिकार और संवैधानिक संरक्षण समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समारोह में आयोग सदस्य प्रो. वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत की मूल भावना सदियों से “गणराज्य” रही है।

उन्होंने ऐतिहासिक 16 गणराज्यों (Ganrajyas) का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत में लोकतांत्रिक और गणराज्य की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, जिसे संविधान ने आधुनिक रूप में मजबूत किया है।

सोशल मीडिया अकाउंट्स लॉन्च

समारोह में Law Commission of India के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स का औपचारिक उद्घाटन भी किया गया।

आयोग चेयरमैन जस्टिस दिनेश माहेश्वरी ने इस मौके पर कहा कि अब नागरिक डिजिटल माध्यम से आयोग की गतिविधियों, परामर्श प्रक्रियाओं और कानूनी सुधारों से सीधे तौर पर जुड़ सकेंगे।

Chairman Justice Dinesh Maheshwari launching the social media accounts of the Law Commission of India

Chairman Justice Dinesh Maheshwari launching the social media accounts of the Law Commission of India.

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