जोधपुर, 3 दिसंबर
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्यभर की गौशालाओं से होने वाले संभावित प्रदूषण पर गंभीर रुख अपनाते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
हाइकोर्ट ने आदेश दिया हैं कि बोर्ड का एक जिम्मेदार अधिकारी अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करे.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने यह आदेश राजस्थान गो-ग्राम सेवा संघ की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मोतीसिंह राजपुरोहित ने दलीलें पेश करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में संचालित कई गौशालाओं में कचरे के अनुचित निस्तारण, गोबर एवं मूत्र से उत्पन्न गैस और जैविक अपशिष्ट प्रबंधन की कमी के कारण गंभीर पर्यावरणीय प्रदूषण फैल रहा है.
हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीर पर्यावरणीय चिंता बताते हुए कहा कि गौशालाओं की वास्तविक स्थिति, वहां से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण के प्रकार और उसे रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की संपूर्ण जानकारी आवश्यक हैं.
हाईकोर्ट ने केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को राजस्थान की गौशालाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं.
हाईकोर्ट ने बोर्ड के एक अधिकारी को आगामी 10 दिसंबर 2025 को होने वाली अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं.