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DLB निदेशक को राजस्थान हाईकोर्ट ने किया तलब, 8 दिसंबर को अदालत में पेश होने के आदेश

Rajasthan High Court Quashes Termination of Contractual Employee, Orders Reinstatement With Back Wages

जयपुर, 5 दिसंबर

राजस्थान हाईकोर्ट ने दौसा की महुआ नगरपालिका में कार्यरत कर्मचारी टिकम सिंह की सेवा से जुड़ी अनियमितताओं और कथित अवैध आदेशों के मामले में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए DLB निदेशक को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने के आदेश दिए है।.

जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि पूर्व में दिए गए आदेशों के बावजूद विभाग की ओर से किसी भी प्रकार का स्पष्ट बयान या स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं पेश किया गया.

याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवकता तनवीर अहमद ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता टिकम सिंह को वर्ष 2018 में सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्त किया गया था और वर्ष 2020 में उनकी सेवा की पुष्टि भी कर दी गई थी.

लेकिन वर्ष 2021 में उसे महुआ नगरपालिका में ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद 2024 में निलंबन आदेश, वेतन रोकने, वार्षिक वेतन वृद्धि (AGI) रोकने और सेवा समाप्ति से जुड़े कई आदेश जारी हुए, जिनमें से अधिकांश उन्हें ना तो सही तरीके से उपलब्ध कराए गए और ना ही किसी वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया.

भ्रष्टाचार में शामिल होने से…

अधिवक्ता ने कहा कि याचिकाकर्ता कर्मचारी के खिलाफ ना तो कोई चार्जशीट सही तरीके से दी गई और ना ही न ही कोई जांच बैठाई गई.

अधिवकता ने कहा कि सेवा पुस्तिका में दर्ज कई आदेशों के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई.

याचिका में यह भी कहा गया कि RTI के माध्यम से भी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई और कई आदेशों की एंट्री गलत तरीके से दर्ज दिखाई दी

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी सुरेंद्र कुमार मीणा द्वारा मनमाने ढंग से कार्रवाई की गई और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने से इंकार करने पर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया.

मामले में 10 अक्टूबर 2025 को सुनवाई के दौरान डायरेक्टर डीएलबी को हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे, लेकिन उसकी पालना नहीं कि गयी.

कोर्ट की सख्त टिप्पणी

जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि 10 अक्टूबर 2025 को DLB निदेशक से स्पष्ट निर्देश/स्टेटमेंट पेश करने के लिए कहा गया था, परंतु आज की सुनवाई में भी विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं आया.

जिसके बाद हाईकोर्ट ने DLB निदेशक को 8 दिसंबर 2025 को दोपहर 2 बजे स्वयं कोर्ट में उपस्थित रहने के ओदश दिए हैं.

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