टॉप स्टोरी

चर्चित खबरें

अपनी पसंद से विवाह करना पूरी तरह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का विषय, और हर पुलिस अधिकारी का दायित्व है कि वह ऐसे दंपत्ति को सुरक्षा दे-Rajasthan High-count

Rajasthan High Court Orders Police Protection for Alwar Couple Facing Threats After Inter-Caste Marriage

अलवर के एक युगल के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस को लगाई कड़ी फटकार, सुरक्षा देने के आदेश

जयपुर, 8 दिसंबर

राजस्थान हाईकोर्ट ने अपनी पसंद से विवाह करने वाले अलवर जिले के नवविवाहित युगल को सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराने पर पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए सुरक्षा देने के आदेश दिए हैं.

नवविवाहित युवक–युवती ने अपनी पसंद से विवाह किया था, जिसके बाद उनके परिजनों द्वारा गंभीर धमकियाँ देने की शिकायत कि गयी थी. लेकिन शिकायत के बाद भी पुलिस ने सुरक्षा प्रदान नहीं की.

जस्टिस अनुप कुमार ढंड की एकलपीठ ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि संविधान का अनुच्छेद 21 हर नागरिक को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है। किसी भी तरह की धमकी इस मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।

एकलपीठ ने कहा कि अपनी पसंद से विवाह करना पूरी तरह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का विषय है और पुलिस का कर्तव्य है कि वह ऐसे दंपत्ति को सुरक्षा प्रदान करें.

परिवार से जान का खतरा

मामले में युवक युवती ने अलवर पुलिस को शिकायत देने के बाद भी सुरक्षा प्रदान नहीं करने पर हाईकोर्ट का रूख किया.

सुरक्षा याचिका दायर कर युवक युवती ने अदालत को बताया कि उन्हें अपने ही परिवार और रिश्तेदारों से जान का खतरा है.

याचिका में कहा गया कि 26 नवंबर 2025 को कानूनी रूप से विवाह किया है और विवाह का पंजीकरण भी हो चुका है। इसके बावजूद उनके माता-पिता और अन्य परिजन इस विवाह का विरोध करते हुए उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ दे रहे हैं.

हर पुलिस अधिकारी का दायित्व

राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस के समक्ष शिकायत के बाद भी सुरक्षा प्रदान नहीं करने पर नाराजगी जताते हुए पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है.

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि राजस्थान पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 29 के अनुसार हर पुलिस अधिकारी का दायित्व है कि वह नागरिकों के जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा करे.

हाईकोर्ट ने कहा कि जब दंपत्ति पहले ही पुलिस को आवेदन दे चुके थे, तब अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए थी.

हाईकोर्ट ने अपेक्षा जताई कि आगे से ऐसे मामलों में पुलिस स्थिति की जांच कर जल्द से जल्द सुरक्षा मुहैया कराएगी.

मामले में युवक युवती ने पहले संबंधित थानाधिकारी, फिर नोडल अधिकारी और अंत में अलवर एसपी को भी शिकायत दी थी.

सुरक्षा के आदेश

राजस्थान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता युवक युवति की सुरक्षा याचिका का निस्तारण करते हुए राज्य पुलिस को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश दिया हैं.

हाईकोर्ट ने SHO, अशोक नगर, जयपुर को आदेश दिया कि वे याचिकाकर्ताओं को सुरक्षित रूप से अलवर के MIA थाने तक पहुँचाने की व्यवस्था करेगे.

वही SHO, MIA थाना, अलवर को आदेश दिया गया कि दंपत्ति को उचित सुरक्षा प्रदान की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न पहुँचे।

सबसे अधिक लोकप्रिय