जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने सेंट्रल पार्क क्षेत्र में जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा किए जा रहे जी+1 मंजिला निर्माण को लेकर गंभीर टिप्पणी करते हुए जेडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने सेंट्रल पार्क की भूमि पर जेडीए द्वारा शुरू किए गए G+1 निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
साथ ही इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव, जेडीए आयुक्त, गोल्फ क्लब के अध्यक्ष और सह-उपाध्यक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जस्टिस सुदेश बंसल और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश योगेश यादव की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं।
बैठक की कार्यवाही त्रुटिपूर्ण
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सेंट्रल पार्क की जिस सार्वजनिक जगह पर जेडीए निर्माण कार्य कर रहा है, उसी जगह पर पूर्व में गोल्फ क्लब के बने ढांचे को गैरकानूनी बताया था।
हाईकोर्ट ने कहा कि जेडीए ने इसी जगह पर अस्थायी संरचना तक के निर्माण की अनुमति से इनकार किया था। और जिस बैठक के आधार पर निर्माण की मंजूरी दी गई, उस बैठक की कार्यवाही में पुनर्निर्माण के क्षेत्रफल को लेकर स्पष्टता नहीं है।
हाईकोर्ट ने कहा कि बैठक के मिनट्स के अनुसार एक स्थान पर निर्माण क्षेत्र लगभग 200 वर्ग मीटर बताया गया है, जबकि अन्य स्थान पर इसे 550 वर्ग मीटर दर्शाया गया है। वहीं, गोल्फ क्लब के उपयोग योग्य क्षेत्र को कहीं 900 वर्ग मीटर के रूप में दर्शाया गया है।
पूर्व निर्णयों की अनदेखी
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने दावा किया है कि जिस जगह पर जेडीए निर्माण कार्य कर रहा है, उसी जगह पर पूर्व गोल्फ क्लब के बने अस्थायी निर्माण तक को जेडीए ने अवैध बताया था।
अधिवक्ता ने कहा कि जेडीए ने 13 नवंबर 2018 को गोल्फ क्लब को नोटिस जारी कर इस जगह पर बने निर्माण को अवैध बताया था।
अधिवक्ता ने यह भी कहा कि 24 दिसंबर 2019 को जेडीए ने निर्णय लेकर गोल्फ क्लब के तत्कालीन निर्माण को अवैध और अनधिकृत घोषित किया गया था।
अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि इससे पूर्व भी 15 सितंबर 2016 को जेडीए ने एक आदेश के जरिए इसी जगह पर अस्थायी संरचना तक के निर्माण की अनुमति से इनकार किया गया था।
नोटिस जारी, तत्काल निरीक्षण रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने कहा कि बैठक की कार्यवाही के मिनट्स में अस्पष्टता और पूर्व निर्णयों की अनदेखी को देखते हुए राज्य के मुख्य सचिव सहित जेडीए आयुक्त, गोल्फ क्लब के अध्यक्ष और सह-उपाध्यक्ष को नोटिस जारी किया जाता है।
रामबाग गोल्फ क्लब के अधिवक्ता ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद रहकर नोटिस स्वीकार किया।
हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक जेडीए द्वारा किए जा रहे जी+1 मंजिला निर्माण के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने जेडीए आयुक्त को तत्काल स्थल निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है। इस रिपोर्ट में मौजूदा निर्माण की स्थिति, क्षेत्रफल, वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी शामिल होगी, जिसे कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।