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राजस्थान हाईकोर्ट में 36 वर्षों तक मुंशी के रूप में सेवाएं देने वाले अश्विनी कुमार तिवारी का निधन

Ashwini Kumar Tiwari, Who Served as Clerk at Rajasthan High Court for 36 Years, Passes Away

हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं और मुंशी वर्ग में शोक; सोमवार को हुआ निधन, मंगलवार को निकलेगी अंतिम यात्रा

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में करीब 36 वर्षों तक मुंशी के रूप में अपनी सेवाएं देने वाले अश्विनी कुमार तिवारी का सोमवार, 28 सितंबर 2026 को निधन हो गया। उनके निधन की खबर से राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ता समुदाय और न्यायिक जगत में शोक की लहर है।

अश्विनी कुमार तिवारी ने राजस्थान हाईकोर्ट में तीन दशक से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दीं। उनके लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपनी विनम्रता, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से न्यायिक एवं अधिवक्ता समुदाय में विशेष पहचान बनाई।

उनके साथ लंबे समय तक काम करने वाले अधिवक्ताओं और सहकर्मी मुंशियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

22 साल से मेहता चैंबर के मुंशी रहे

अश्विनी कुमार तिवारी वर्ष 2004 से दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता लेखराज जी मेहता के चैंबर से जुड़े हुए थे। उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता लेखराज मेहता के साथ लंबे समय तक मुंशी के रूप में अपनी सेवाएं दीं।

इसके बाद वे लेखराज मेहता के पुत्र अधिवक्ता राजेन्द्र मेहता और उनके पौत्र अधिवक्ता रमित मेहता के साथ भी लगातार जुड़े रहे।

22 वर्षों तक मेहता चैंबर से जुड़े रहने के दौरान अश्विनी कुमार तिवारी ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। चैंबर से जुड़े अधिवक्ताओं और सहयोगियों के साथ उनका लंबे समय से आत्मीय संबंध रहा।

श्विनी कुमार तिवारी ने शनिवार 26 सितंबर 2026 तक नियमित रूप से मुंशी के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। सोमवार शाम करीब 5 बजे उन्हें हृदयाघात आया, जिसके चलते उनका निधन हो गया।

उनके निधन पर अधिवक्ता रमित मेहता ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अश्विनी कुमार तिवारी केवल चैंबर में मुंशी के रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति नहीं थे, बल्कि लंबे समय से परिवार और चैंबर का अभिन्न हिस्सा रहे। वर्षों तक साथ काम करने के कारण उनके साथ एक गहरा आत्मीय रिश्ता बन गया था।

रमित मेहता ने कहा कि अश्विनी कुमार तिवारी की ईमानदारी, समर्पण और लंबे समय तक निभाई गई सेवाओं को हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन से मेहता चैंबर ने एक समर्पित और विश्वसनीय सहयोगी खो दिया है।

वरिष्ठ अधिवक्ता मरुधर मृदुल के मुंशी के रूप में भी किया कार्य

अश्विनी कुमार तिवारी पूर्व में दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता मरुधर मृदुल के मुंशी के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे। बाद में उन्होंने हाईकोर्ट में लंबे समय तक विभिन्न अधिवक्ताओं के साथ मुंशी के रूप में कार्य किया।

उनके साथ करीब दो दशक से अधिक समय तक कार्य करने वाले अधिवक्ताओं ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अश्विनी कुमार तिवारी की विनम्रता, प्रतिबद्धता और काम के प्रति समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।

हाईकोर्ट के अधिवक्ता समुदाय में शोक

अश्विनी कुमार तिवारी के निधन पर राजस्थान हाईकोर्ट के कई न्यायाधीशों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और साथी मुंशी वर्ग ने संवेदना व्यक्त की है। जोधपुर के अधिवक्ता समुदाय में भी उनके निधन को लेकर गहरा शोक है।

लंबे समय तक हाईकोर्ट परिसर से जुड़े रहने के कारण अश्विनी कुमार तिवारी का न्यायिक एवं अधिवक्ता समुदाय के अनेक लोगों के साथ आत्मीय संबंध रहा।

उनके निधन को लंबे समय से हाईकोर्ट से जुड़े एक अनुभवी और परिचित चेहरे के निधन के रूप में देखा जा रहा है।

मंगलवार को निकलेगी अंतिम यात्रा

शोक संदेश के अनुसार अश्विनी कुमार तिवारी की अंतिम यात्रा मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे उनके निवास स्थान राठी भवन के सामने, रामानुज कोट, फतेह सागर, जोधपुर से रवाना होगी।

अंतिम यात्रा कांगा कांगड़ी स्थित स्वर्ग आश्रम जाएगी।

अश्विनी कुमार तिवारी के निधन से उनके परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों तथा राजस्थान हाईकोर्ट से जुड़े अधिवक्ताओं और सहकर्मियों में गहरा शोक है। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।

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