जयपुर, 18 सितंबर।
जयपुर महानगर-द्वितीय की अपर जिला एवं सत्र अदालत संख्या 4 ने एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए के 400 वर्ष पुराने राधागोविंद मंदिर से राधागोविंद व लड्डू गोपाल की मूर्तियां चोरी करने के आरोपी की जमानत खारिज कर दी हैं.
जज नीलम करवा ने आरोपी रघुवीर पुत्र केवल सिंह की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि चोरी जैसे अपराधों में बढ़ोतरी और धार्मिक स्थल से जुड़ी वारदात की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आरोपी को जमानत का लाभ देना न्यायोचित नहीं होगा.
400 साल पुराने मंदिर में चोरी
हाल ही में 2 सितंबर को थाना भांकरोटा के ग्राम केशुपुरा राधागोविंद मंदिर में 2 सितंबर 2025 की रात चोरी की बड़ी वारदात हुई थी.
अज्ञात चोरों ने मंदिर का कांच तोड़कर वहां रखी 400 ऐतिहासिक और धार्मिक राधागोविंद व लड्डू गोपाल की मूर्तियां, 11 किलो के 33 चांदी के छत्र, करीब 2.85 लाख रुपये, सोने-चांदी के जेवरात तथा दानपात्र में रखी नगदी चुरा ली थी.

घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ की थी, जिसमें आरोपी रघुवीर की संलिप्तता सामने आने पर उसे 3 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया.
आरोपी ने कहा गरीब हूॅं
आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र दायर कर यह दलील दी कि रघुवीर को झूठा फंसाया गया है.
जमानत याचिका में कहा गया कि उससे कोई बरामदगी शेष नहीं है, वह गरीब परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य है और फरार होने या गवाहों को प्रभावित करने की कोई आशंका नहीं हैं.
जमानत का विरोध
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मुकेश जोशी ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह अपराध गंभीर प्रकृति का है और इसमें धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाली घटना हैं जिसमें बहुत बड़ी चोरी की गई है.
अदालत ने केस डायरी, बरामद सामग्री और अपराध की गंभीरता का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपी से चोरी की गई कई वस्तुएं बरामद हुई हैं.
जज नीलम करवा ने जमानत खारिज करते हुए कहा कि कहा कि
अदालत ने आरोपी रघुवीर सिंह की जमानत अर्जी को धारा 483 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत अस्वीकार कर खारिज करने का आदेश दिया.