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BCR ELECTION 2026 : निष्पक्ष मतदान के लिए ASG, पूर्व ASG सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं का मिला साथ, 4 मई को पुनर्मतदान की तैयारी, एपीओं की भी नियु​क्ति

Bar Elections: Repolling on May 4 Under Senior Advocates’ Supervision

जयपुर। राजस्थान बार काउंसिल चुनाव को लेकर 4 मई को प्रस्तावित पुनर्मतदान अब वरिष्ठ और अनुभवी अधिवक्ताओं की सलाह और निगरानी में कराया जाएगा।

22 अप्रैल को हुए मतदान में अनियमितताओं के आरोपों के बाद चुनाव समिति को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था।

ऐसे में निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए समिति ने अहम कदम उठाए हैं।

हाल ही में सभी प्रत्याशियों ने एकमत होकर चुनाव प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए अपनी मांगें समिति के सामने रखी थीं।

इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए चुनाव समिति ने जयपुर में होने वाले पुनर्मतदान के लिए नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत हाईकोर्ट के वरिष्ठ और अनुभवी अधिवक्ताओं को चुनाव प्रबंधन के सलाहकार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वरिष्ठ अधिवक्ताओं पर भरोसा

हाई-पावर्ड कमेटी ने जिन वरिष्ठ अधिवक्ताओं पर भरोसा जताया है, उनमें एएसजी भरत व्यास, पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल राजदीपक रस्तोगी, महेंद्र शाह और मेजर आर.पी. सिंह प्रमुख हैं।

इनके अलावा मंजीत शर्मा, जग मोहन, लोकेश शर्मा, अश्वनी चौबिसा, संदीप सिंह शेखावत, जय प्रकाश गुप्ता, प्रशांत चतुर्वेदी, अंगद मिर्धा, प्रदीप चौधरी, योगेंद्र सिंह तंवर, दिनेश यादव और नरेंद्र सिंह शेखावत को भी महत्वपूर्ण सलाहकार की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

चुनाव समिति का मानना है कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव और निगरानी में इस बार चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और विवाद-मुक्त रहेगी।

आगामी पुनर्मतदान को लेकर अधिवक्ताओं में भी उत्साह देखा जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि इस बार मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगा।

लगातार बैठके और निरीक्षण

समिति ने लगातार दो दिनों तक—शुक्रवार और शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ विस्तृत बैठकें कीं।

इन बैठकों में मतदान केंद्र की व्यवस्थाओं, सुरक्षा, कतार प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।

इसके साथ ही अधिवक्ताओं की टीम ने मतदान केंद्र का दो दिनों तक निरीक्षण भी किया, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की संभावना को पहले ही समाप्त किया जा सके।

महिला और वरिष्ठ अधिवक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष व्यवस्था की गई है। उनके लिए अलग कतारें और आवश्यकता पड़ने पर अलग मतदान केंद्र की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है, जिससे मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम और व्यवस्थित बन सके।

आज 8 बजे बाद थम जाएगा प्रचार

4 मई को प्रस्तावित पुनर्मतदान से पहले हाई-पावर्ड इलेक्शन कमेटी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।

आदेश के अनुसार, मतदान से 36 घंटे पहले यानी शनिवार शाम 8 बजे से सभी प्रकार के चुनाव प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

पोस्टर हटाने के आदेश

राजस्थान बार काउंसिल ने इसके साथ ही अदालत परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में लगाए गए पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स को तुरंत हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कमेटी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री चस्पा करना या उसका वितरण करना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।

निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी इन आदेशों को अत्यंत आवश्यक बताते हुए सभी प्रत्याशियों को सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

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