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ब्रेकिंग: बार काउंसिल के सम्मान समारोह में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की पहली सार्वजनिक मौजूदगी, नए चेयरमैन को लेकर भी तेज हुई सियासी चर्चा

Acting Chief Justice Sanjeev Prakash Sharma Makes First Public Appearance at Rajasthan Bar Council Felicitation

जयपुर। राजस्थान की न्यायपालिका और बार जगत में इन दिनों चल रहे घटनाक्रम के बीच रविवार को जयपुर में एक ऐसा सम्मान समारोह आयोजित हुआ, जिसने अधिवक्ता समुदाय में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया।

राजस्थान बार काउंसिल के नवनिर्वाचित सदस्यों के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने भी शिरकत की।

खास बात यह रही कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता के पत्रों से जुड़े विवाद के सार्वजनिक होने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की यह पहली सार्वजनिक उपस्थिति बताई जा रही है।

नवनिर्वाचित बार काउंसिल सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता शाहिद हसन के फार्म हाउस पर आयोजित समारोह में राजस्थान बार काउंसिल के करीब एक दर्जन से अधिक नवनिर्वाचित सदस्य और कई वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे।

चैंबर और टी क्लब के सदस्य के रूप में पहुंचे कार्यवाहक सीजे

बताया गया कि जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने शाहिद हसन के चैंबर और टी क्लब के सदस्य के रूप में इस कार्यक्रम में शिरकत की।

हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों के बीच उनकी मौजूदगी ने समारोह को खासा राजनीतिक और संस्थागत महत्व दे दिया।

कार्यक्रम में पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मोहम्मद रफीक, सीनियर एडवोकेट वीरेंद्र लोढ़ा, लोकेश शर्मा, एम. ए. खान, प्रह्लाद सिंह, अमोद कासलीवाल, दिनेश जैन सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता और बार से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।

वही इस कार्यक्रम में राजस्थान बार काउंसिल के नवनिर्वाचित सदस्यों में रतनाराम ठोलिया, सुरेश श्रीमाली, नीरज गुर्जर, योगेंद्र शक्तावत, शशिबाला जैन, हेमा तिवाड़ी, कपिल माथुर, सतीश खांडल और रजनीश गुप्ता सहित अन्य सदस्य समारोह में मौजूद रहे।

बार सदस्य अनामिका सांधु के पिता और वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रह्मानंद सांधु भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

सम्मान समारोह के बाद चेयरमैन की कुर्सी को लेकर चर्चाएं तेज

रविवार के इस आयोजन के बाद अधिवक्ता समुदाय में राजस्थान बार काउंसिल के चेयरमैन पद को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

समारोह में बार काउंसिल के वर्तमान चेयरमैन भुवनेश शर्मा की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही।

हालांकि, बार जगत में यह चर्चा है कि इस सम्मान समारोह के आयोजन के पीछे भुवनेश शर्मा की रणनीतिक भूमिका रही हो सकती है।

समर्थकों और अधिवक्ता समुदाय के एक वर्ग का मानना है कि एक ही मंच पर बड़ी संख्या में नवनिर्वाचित सदस्यों की मौजूदगी ने मौजूदा नेतृत्व की ताकत का भी संदेश दिया है।

एक मंच, कई संदेश?

राजस्थान हाईकोर्ट और न्यायपालिका से जुड़े मौजूदा विवादों के बीच कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कार्यक्रम में मौजूदगी को भी अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।

अधिवक्ता समुदाय में यह चर्चा है कि इस आयोजन के जरिए बार के भीतर एकजुटता और संस्थागत समर्थन का संदेश देने की कोशिश की गई।

वहीं, समारोह से ठीक पहले जस्टिस फरजंद अली से जुड़े रोस्टर में हुए बदलाव को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं।

इन घटनाक्रमों और जोधपुर से जुड़े बार प्रतिनिधियों की कार्यक्रम में मौजूदगी को व्यापक न्यायिक और बार राजनीति के परिप्रेक्ष्य में देख रहे हैं।

फिलहाल, सम्मान समारोह भले ही नवनिर्वाचित सदस्यों के अभिनंदन के लिए आयोजित किया गया हो, लेकिन मौजूदा विवादों और बदलते समीकरणों के बीच इसकी तस्वीरें और संदेश राजस्थान की न्यायपालिका तथा बार राजनीति में नई बहस का विषय बन गए हैं।

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