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CM भजनलाल शर्मा -न्यायपालिका लोकतंत्र की रीढ़, न्याय सुलभ कराना हमारी प्रतिबद्धता

CM भजनलाल शर्मा ने किया वर्चुअली BCR भवन का उद्घाटन

जयपुर, 2 नवंबर

CM भजनलाल शर्मा ने राजस्थान बार काउंसिल के जोधपुर हाईकोर्ट परिसर में नवनिर्मित भवन का उदघाटन किया.

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह भवन न केवल अधिवक्ताओं को आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा, बल्कि लोकतंत्र और न्याय प्रणाली को भी सशक्त करने का कार्य करेगा.

CM Bhajanlal Sharma to virtually inaugurate the new Bar Council of Rajasthan building, at Rajasthan High Court, Jodhpur.

मुख्यमंत्री ने कहा कि *“विकास तभी सार्थक है, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय सुलभ हो.

उन्होंने न्यायपालिका को राष्ट्र की रीढ़ बताते हुए कहा कि सरकार न्याय व्यवस्था को तकनीकी और भौतिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.

जिला स्तर पर नए केन्द्र स्थापित होंगे

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आश्वासन दिया कि सरकार जिला स्तर पर नए न्यायालय केंद्रों की स्थापना और अधिवक्ताओं की सुविधाओं के विस्तार पर तेजी से कार्य करेगी.

इस मौक पर आयोजित उदघाटन समारोह में सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस संदीप मेहता, जस्टिस विजय विश्नोई और राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा सहित अधिकांश जज मौजूद हैं.

गौरव का प्रतीक- जस्टिस मेहता

समारोह को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरि/ठ जज जस्टिस संदीप मेहता ने इस भवन को अधिवक्ताओं की सुविधाओं और कानूनी शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि ने कहा कि इस भवन से जुड़ी उनकी विशेष भूमिका 2014 में ही तय थी, जब जस्टिस अरुण मिश्रा ने उनसे इसका नक्शा तैयार करने को कहा था.

जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि भवन के पुनर्निर्माण का कार्य 2020-21 में जस्टिस विजय बिश्नोई, जस्टिस पी एस भाटी और जजों के सहयोग से शुरू हुआ.

उन्होने कहा कि इस भवन में 500 सीटों का आधुनिक ऑडिटोरियम, डिजिटल सुविधाएँ और अधिवक्ताओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र जैसी व्यवस्थाएँ हैं.

उन्होने बार की तारीफ करते हुए कहा कि राजस्थान बार काउंसिल पूरे देश में लीगल एजुकेशन और एडवोकेट वेलफेयर फंड के क्षेत्र में अग्रणी है — जहाँ सेवानिवृत्ति पर अधिवक्ताओं को 15 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है.

उन्होने कहा कि यह भवन केवल अधिवक्ताओं के लिए एक कार्यस्थल नहीं, बल्कि यह न्यायपालिका और विधिक समुदाय की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है.

यह अधिवक्ताओं, जजों और लॉ स्टूडेंट को एक साथ जोड़ने वाला मंच बनेगा, जो आने वाले वर्षों में राजस्थान की न्यायिक परंपरा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा

एकता और विश्वास का प्रतीक

समारोह को संबोधित करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस विजय बिश्नोई ने कहा कि यह भवन अधिवक्ताओं की एकता, सेवा और विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है.

लंबे समय से प्रतीक्षित यह भवन अब आधुनिक सुविधाओं, डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम और प्रशिक्षण केंद्रों के साथ अधिवक्ताओं के लिए तैयार है.

जस्टिस विजय बिश्नोई ने कहा कि राजस्थान बार काउंसिल देशभर में अधिवक्ताओं के कल्याण का एक उदाहरण पेश कर रही है.

किसी भी अधिवक्ता को बीमारी, दुर्घटना या आकस्मिक निधन जैसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो संस्था उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहती है. इससे अधिवक्ताओं में यह विश्वास जागृत हुआ है कि किसी भी मुश्किल समय में उनके पीछे एक सशक्त संस्था है.

जस्टिस विजय बिश्नोई ने कहा कि एनरोलमेंट प्रक्रिया का डिजिटलीकरण और ऑनलाइन रिकॉर्डिंग प्रणाली के माध्यम से अधिवक्ताओं की सुविधाओं को बढ़ाया गया है. सीनियर और जूनियर सदस्यों के सामूहिक प्रयासों से यह डिजिटल परिवर्तन संभव हुआ।

जस्टिस विजय बिश्नोई ने कहा कि यह भवन देश के सबसे उत्कृष्ट बार काउंसिल भवनों में से एक है। यह न केवल अधिवक्ताओं का कार्यस्थल है, बल्कि उनकी गरिमा, समर्पण और न्याय व्यवस्था में विश्वास का प्रतीक भी है.

उन्होंने अधिवक्ता समाज को बधाई देते हुए परंपरा बनाए रखने की प्रेरणा दी।

सरकार भूमि उपलब्ध कराए- ACJ

समारोह को संबोधित करते हुए ACJ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ राजस्थान की नई अत्याधुनिक यह भवन अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिससे उन्हें बेहतर कार्य-परिवेश मिलेगा.

उन्होने कहा कि यह इमारत राज्य सरकार के कानून और न्याय व्यवस्था में अटूट विश्वास का प्रतीक है.

उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया और आग्रह किया कि जयपुर, जोधपुर और जिलों में जजों के आवास एवं न्यायालय भवनों हेतु भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रदेश में न्यायिक ढांचा और अधिक मजबूत बन सके.

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने वैकल्पिक विवाद निपटान प्रणाली (Alternate Dispute Resolution) को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया, ताकि मुकदमों की संख्या घटे और न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके.

उन्होने कहा कि हमने मात्र 3 महिने मध्यस्था के जरिए 20 हजार से अधिक मुकदमें निस्तारित किए है अगर इसमें यंग एडवोकेट आगे आए तो बड़ा बदलाव हो सकता हैं.

न्याय व्यवस्था की आत्मा – जस्टिस P S भाटी

समारोह को संबोधित करते हुए पी एस भाटी ने कहा कि बार काउंसिल केवल एक संस्था नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था की आत्मा है.

संविधान ने हमें जो शक्ति दी है, वही अधिवक्ता समाज के माध्यम से न्याय की नींव को मजबूत करती है.

जस्टिस भाटी ने कहा कि अधिवक्ता, समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करते हैं.

जस्टिस भाटी ने कहा कि तकनीकी युग में अधिवक्ताओं को आधुनिकता से जोड़ना आवश्यक है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बन सके.

यही सशक्त बार, सशक्त न्याय और सशक्त भारत की पहचान है.

जज रहें मौजूद

बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन समारोह में राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस डॉ पुष्पेन्द्रसिंह भाटी,जस्टिस विनीत कुमार माथुर, जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण,जस्टिस फरजंद अली,जस्टिस कुलदीप माथुर,जस्टिस डॉ नुपूर भाटी,जस्टिस सुनील बेनीवाल,जस्टिस संदीप शाह,जस्टिस बिपिन गुप्ता,जस्टिस संजीत पुरोहित व जस्टिस अनुरूप सिंघी मौजूद रहे.

सरकार और बार के प्रतिनिधी

समारोह में राजस्थान सरकार के महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद,भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसीटर जनरल भरत व्यास,राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आनन्द पुरोहित,राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रतनाराम ठोलिया ,रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा,रजिस्ट्रार प्रशासन शैलेन्द्र व्यास सहित न्यायिक अधिकारी मौजूद रहें.

बीसीआर सदस्य

समारोह में बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्य डॉ सचिन आचार्य,सुरेश चन्द्र श्रीमाली,रणजीत जोशी,जगमालसिंह चौधरी,कुलदीप कुमार शर्मा,सुशील कुमार शर्मा,राम प्रसाद सिंगाडिया,कपिल प्रकाश माथुर,राजेश पंवार,रतनसिंह राव,चिरंजीलाल सैनी,हरेन्द्रसिंह सिनसिनवार,योगेन्द्रसिंह शक्तावत,पूर्व महाधिवक्ता एमएस सिंघवी सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।

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