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Former Income Tax Officer शैलेन्द्र भंडारी को आय से अधिक सम्पत्ति मामले में 4 साल की सजा, 27 लाख रूपए का अर्थदंड

जोधपुर, 9 अक्टूबर

आय से अधिकं सपंति रखने के मामले में जोधपुर की विशेष CBI अदालत ने आयकर विभाग के पूर्व Income Tax Officer शैलेन्द्र भंडारी को 4 साल जेल की सजा सुनाई है.

विशिष्ट न्यायाधीश भूपेन्द्र कुमार सनाढ्य ने जेल की सजा के साथ ही आरोपी पूर्व अधिकारी पर 27 लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया हैं.

अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी शैलेन्द्र भंडारी की कुल कमाई 61.25 लाख रूपए थी, लेकिन उनके पास 1.57 करोड़ रूपए की संपत्ति पाई गई.

अदालत ने पाया कि 26,60,927.50 रूपए यानी कुल संपत्ति का 26.46% अवैध तरीकों से अर्जित किया गया था.

अर्थव्यवस्था का दीमक

विशिष्ट न्यायाधीश भूपेन्द्र कुमार सनाढ्य ने अपने फैसले में कहा कि भ्रष्टाचार हर क्षेत्र में फैल चुका है और यह देश की अर्थव्यवस्था को दीमक की तरह नुकसान पहुँचा रहा है.

CBI अदालत ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में कठोर प्रावधान होने के बावजूद सरकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार करने से पीछे नहीं हट रहे हैं और नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं.

ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई करना आवश्यक है ताकि अन्य भ्रष्ट अधिकारियों को प्रोत्साहन न मिले।

ये हैं मामला

विशेष लोक अभियोजक भगवानसिंह भंवरिया के अनुसार वर्ष 2015 में आयकर विभाग के मुख्य आयकर आयुक्त पी. के. शर्मा और आयकर अधिकारी शैलेन्द्र भंडारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था.

जांच में सामने आया कि दोनों अधिकारियों ने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की थी.

भंडारी ने 2 जनवरी 1978 को आयकर विभाग में अपनी नौकरी शुरू की थी और एलडीसी से लेकर आयकर अधिकारी तक विभिन्न पदों पर कार्य किया.

वह 31 मार्च 2015 को ज्वेलर से रिश्वत लेते हुए पकड़े गए थे।

भंडारी की आय और अवैध संपत्ति

CBI के अनुसार, 1 अप्रैल 2006 से 31 मार्च 2015 के बीच भंडारी और उनके परिवार की कुल आय 1.57 करोड़ रूपए रही, जबकि इस दौरान उनका खर्च 57.09 लाख रूपए था.

कोर्ट ने पाया कि 26.60 लाख रूपए गैरकानूनी तरीके से कमाए गए थे.

अदालत ने इसे अवैध संपत्ति माना और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत 4 साल की कैद और 27 लाख रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

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