जयपुर, 1 सितंबर।
जयपुर महानगर की एडीजे क्रम संख्या 7 की अदालत ने आज नवंबर 2013 में गोल्ड लोन कंपनी के आफिस से हुई 25—30 किलो सोने की लूट के मामले के आरोपियों को संदेह के लाभ देते हुए दोषमुक्त घोषित किया हैं.
अदालत ने आरोपियों को दोषमुक्त घोषित करते हुए कहा कि लूट के इस बड़े मामले में अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि गोल्ड लोन कंपनी द्वारा लूटा गया माल सोना ही था.
अदालत ने अपने फैसले में ये भी कहा है कि अभियोजन पक्ष ना पहचान साबित कर पाया, ना ही मामले में बरामद किए गए हथियारों को लेकर अभियोजन स्वीकृती ही पेश कर पाया.
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष इस मामले में आरोपियों के खिलाफ अपराध को पूर्णत साबित करने में नाकाम रहा हैं.
बचाव पक्ष की दलीलें
आरोपियों की ओर से अधिवक्ता कमलेश जाट ने पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि इस मामले में शिकायतकर्ता गोल्ड लोन कंपनी ने अपने माल की मात्रा तक नहीं बता पायी हैं.
अधिवक्ता ने कहा कि लोन कंपनी ने सोने की ना तो वास्तविक मात्रा बता पायी और ना ही गोल्ड कहा से प्राप्त किया इसकी जानकारी नहीं दे पायी.
अधिवक्ता ने इस पुरे मामले को मनगढ़त बताया.